राष्ट्रीय राजधानी में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट मामले की सुनवाई के दौरान नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली सरकार और संबंधित प्राधिकरणों को अपुष्ट आंकड़ों व सूचनाओं के लिए कड़ी फटकार लगाई है। पीठ ने कहा कि सरकार को पर्यावरण छोड़ बाकी सभी चीजों की चिंता है।
सुनवाई के दौरान प्राधिकरणों की ओर से पेश अधिवक्ता व अधिकारी राजधानी में प्रतिदिन पैदा और निष्पादित होने वाले कचरे का हिसाब नहीं दे पाए। एनजीटी ने हर सवाल पर समय मांगने पर नाराजगी जाहिर की। जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने बुधवार को सुखदेव विहार कॉलोनी रेजीडेंट्स एसोसिएशन के मामले पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की।
पीठ ने दिल्ली सरकार को कहा कि आप लोग आखिर कर क्या रहे हैं। आंकड़े जुटाना आपका काम है, इसलिए बताइए कि दिल्ली में प्रतिदिन कितना ठोस कचरा पैदा होता है। इससे पहले नगर निकायों की ओर से दिए गए आंकड़ों पर भी पीठ ने सवाल उठाया।