बहादुरगढ़। गांव परनाला हसनपुर में श्री हरि समिति की ओर से रामलीला महोत्सव का शुभारंभ किया गया। पहले दिन वेदवती और नारद मोह लीला का मंचन हुआ। कलाकारों ने अभिनय के माध्यम से दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा।
मंचन में दिखाया गया कि नारद की कठोर तपस्या से इंद्र का सिंहासन डगमगाने लगता है। तपस्या भंग करने के लिए इंद्रदेव अप्सराओं और कामदेव को भेजते हैं, लेकिन वे सफल नहीं हो पाते। इसके बाद भगवान विष्णु नारद के अहंकार को दूर करने के लिए अपनी माया से लीला रचते हैं।
कलाकारों की प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उत्साह बढ़ाया। रामलीला में रामायण के प्रसंगों को संवाद, गायन और अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है। आगामी मंचनों में सीता विवाह सहित अन्य प्रसंग भी दिखाए जाएंगे।