झांसी। जिला अस्पताल में शुक्रवार को उपचार कराने के लिए लाइन में लगा युवक गश खाकर गिर पड़ा। स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों की लापरवाही की वजह से वह आधा घंटे तक पड़ा रहा, पर उसे उपचार नहीं मिल सका। इस वजह से उसने वहीं पर दम तोड़ दिया। इससे जिला अस्पताल में हड़कंप मच गया। परिजनों ने डाक्टरों की लापरवाही की वजह से मौत होने का आरोप लगाया है।
मड़िया मोहल्ला गोविंद चौराहा निवासी राम सेवक मिस्त्री ने बताया कि शुक्रवार की सुबह उसके पुत्र अजय (25) की मामूली तबियत खराब हुई। कुछ समय के बाद उसका उल्टी करने जैसा मन होने लगा, इस पर वह उपचार कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचा। पर्चा बनवाने के बाद वह मरीजों की लाइन में लग गया। करीब 12 बजे उसे बेचैनी होने लगी और जी घबराने लगा।
उसने लाइन से हटकर जल्द से डाक्टरों को दिखाने का प्रयास किया तो गेट पर खड़े स्वास्थ्य विभाग के कर्मी ने उसे रोक दिया। उसने तबियत खराब होने की वजह से जल्द से डाक्टरों को दिखाने का अनुरोध किया मगर उसकी एक नहीं सुनी। स्वास्थ्य कर्मी ने मशविरा दे दिया कि यदि उसे जल्दी हो रही है, तो वह इमरजेंसी सेवा कक्ष में दिखा ले।
मेडिकल कालेज में डाक्टरों की हड़ताल होने की वजह से इमरजेंसी सेवा कक्ष में भी काफी भीड़ थी। उसने कक्ष में घुसने का प्रयास किया तो यहां भी उसे अंदर नहीं घुसने दिया गया, जिसकी वजह से वह फिर से लाइन में लग गया। कुछ देर बाद उसे चक्कर आए और गश खाकर वहीं पर गिर पड़ा। करीब आधा घंटे तक वह वहीं पर पड़ा रहा, मगर किसी भी स्वास्थ्य कर्मी ने उसका उपचार करना मुनासिब नहीं समझा।
कुछ देर बाद जब पता चला कि उसकी मौत हो गई है, तो वहां हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पीड़ित पिता का आरोप है कि जिला अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही की वजह से उसके पुत्र की मौत हुई है। यदि समय रहते उसको उपचार मिल गया होता तो उसकी मौत नहीं होती।