नगर निगम ने शुक्रवार को शहरवासियों पर गो सेस लगाने और कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग महंगी करने के अलावा 30 प्रतिशत सीवरेज सेस भी लगाने फैसला किया है। ऐसे में अब जितना पानी का बिल आता है, उसका 30 प्रतिशत सीवरेज सेस देना होगा। उदाहरण के तौर पर अगर किसी का पानी का बिल एक हजार रुपये आता है तो बिल में 300 रुपये सीवरेज सेस भी लगकर आएगा जबकि अब तक सीवरेज सेस घर पर लगी टायलेट सीट के आधार पर लगता था। यह सीवरेज शहर की सभी कामर्शियल और रेजिडेंश्यल इमारतों पर लगेगा। बता दें कि शहर में डेढ़ लाख पानी कनेक्शन हैं।
नगर निगम अब तक प्रति टायलेट सीट पर 10 रुपये प्रति माह चार्ज करता था। इसके साथ ही पानी का टैंकर जो 350 रुपये में मिलता था उसका रेट भी बढ़ाकर 500 कर दिया गया है। सदन की बैठक में पानी का कनेक्शन जोड़ने का भी शुल्क बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही पाइप लीकेज होने पर उसकी रिपेयर के बाद फरयूल को मीटर के साथ जोड़ने के भी रेट दो और छह हजार रुपये तय किया गया है जबकि पूर्व मेयर अरुण सूद और भाजपा पार्षद ने कहा कि जो पानी के रेट पर छूट दी जा रही है, उसे भी हटा लेना चाहिए ताकि घाटा पूरा हो सके लेकिन मेयर देवेश मोदगिल इसके लिए तैयार नहीं हुए।
कमिश्नर ने बताया कि हर साल पानी की सप्लाई से 90 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। वहीं, पार्षद भरत कुमार ने हल्लोमाजरा में जिन लोगों से कामर्शियल रेट पर बिल चार्ज हो रहा है, उसका मामला उठाया। कमिश्नर ने कहा कि यह मामला पहले वाटर सप्लाई कमेटी में चर्चा करके सदन में लाया जाए।
हर वाशिंग स्टेशन को लगाना होगा शैलो ट्यूबवेल
सांकेतिक तस्वीर
सदन ने हर वाशिंग स्टेशन संचालक को गाड़ियां धोने के लिए शैलो ट्यूबवेल लगाने को कहा है। इसके लिए तीन माह का समय दिया गया है। सदन ने यह निर्णय लिया है कि नगर निगम की ओर से इसके लिए नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस जारी करने के तीन माह तक अगर किसी वाशिंग स्टेशन वाले ने ट्यूबवेल नहीं लगाया तो उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और जब तक संचालक ट्यूबवेल नहीं लगा लेता तब तक 5 हजार रुपये प्रति दिन के हिसाब से जुर्माना भी लगता रहेगा।
गोबंदपुरा पर लगेगा 1100 रुपये का डेवलेपमेंट चार्ज
मनीमाजरा के गोबिंदपुरा की पाकेट नंबर-2 में बने मकानों पर डेवलपमेंट चार्ज लगाने का प्रस्ताव पास कर दिया गया है। अधिकारियों ने 1427 रुपये प्रति गज के हिसाब से प्रस्तावित रेट तय किया था लेकिन पार्षदों के दबाव के कारण 1100 रुपये प्रति गज के हिसाब से डेवलेपमेंट चार्ज लगाने का प्रस्ताव पास किया गया जबकि वार्ड पार्षद जगतार जग्गा चाहते थे कि इससे पहले दर्शनी बाग के एरिया के मकानों का डेवलपमेंट चार्जेज 800 रुपये प्रति गज के हिसाब से तय किए गए थे। ऐसे में गोबिंदपुरा में भी डेवलपमेंट चार्जेज 800 रुपये प्रति गज के हिसाब से ही तय होना चाहिए।
पालतू कुत्ते के गंदगी फैलाने पर 5500 रुपये जुर्माना
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पेट डाग्स के शौकीनों को नगर निगम ने झटका दिया है। अब वह पार्कों या फिर किसी के घर के आसपास गंदगी नहीं फैला सकेंगे। नगर निगम सदन की बैठक में निर्णय लिया गया है कि अब अगर कोई अपने कुत्ते को इधर-उधर शौच करवाता है तो उस पर 5500 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही मेयर के सुझाव पर यह भी पास कर दिया गया कि जुर्माना अदा न करने पर यह राशि घर के पानी के बिल में जोड़कर भेज दी जाएगी। वहीं, सदन ने पेट डाग्स की रजिस्ट्रेशन की फीस 200 से बढ़ाकर 500 कर दी। इस समय शहर में 15 हजार से ज्यादा पेट डाग्स हैं।
सदन ने यह भी निर्णय लिया कि पेट डाग्स रजिस्ट्रेशन न करवाने वालों के खिलाफ घर-घर जाकर एक माह के लिए अभियान चलाया जाएगा। पेट डाग्स का रजिस्ट्रेशन न करवाने वालों से 5 हजार रुपये जुर्माना वसूल किया जाएगा। इसके साथ ही 7 दिन का समय रजिस्ट्रेशन के लिए दिया जाएगा। इस दौरान प्रतिदिन का 200 रुपये अलग से जुर्माना लिया जाएगा। अगर उसके बाद भी कोई डाग्स का रजिस्ट्रेशन नहीं करवाता है तो पेट डाग को जब्त कर लिया जाएगा।
जब तक मालिक अपने कुत्ते को नहीं छुड़वाता है, तब तक हर दिन के हिसाब से एक हजार रुपये जुर्माना लिया जाएगा। इस समय शहर के हर इलाके में सुबह और शाम लोग अपने पेट डाग्स को शौच करवाने के लिए निकलते हैं। ऐसे में अब ऐसा करने वालों पर कार्रवाई होगी। ऐसे लोगों की शिकायत भी रेजिडेंट्स कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए रेजिडेंट्स को मोबाइल से सबूत के लिए तस्वीर भी भेजनी होगी।