पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का जम्मू-कश्मीर से विशेष लगाव रहा है। उनके नेतृत्व में मजबूत आर्थिक पैकेज के साथ प्रदेश के विकास को गति मिली। पंचायतों का विस्तार किया गया। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए गए। खासतौर पर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के रिफ्यूजियों के कल्याण के लिए एक मुश्त मुआवजा पैकेज के लिए प्रस्ताव लाया गया।
विज्ञापन
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता रवींद्र शर्मा कहते हैं कि डाॅ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में वर्ष 2004 में जम्मू कश्मीर को 24000 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज दिया गया, जिसका बाद में 36000 करोड़ तक विस्तार किया गया। इस पैकेज के तहत प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग, सुरंगों, रेलवे पुलों आदि का निर्माण किया गया। इससे प्रदेश भर में कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिला।
इसके अलावा जम्मू कश्मीर को करीब 18000 करोड़ रुपये की विद्युत परियोजनाएं दी गईं। प्रदेश में हजारों आंगनबाड़ी केंद्र खोले गए। कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूत बनाया गया। स्वयं सहायता समूह स्थापित किए गए। उनके नेतृत्व में पीओके रिफ्यूजियों के कल्याण के लिए एक मुश्त 25 लाख रुपये का मुआवजा देने की पहल की गई, हालांकि भाजपा सरकार के दौरान इस पर अमल नहीं हो पाया। प्रदेश में उनके नेतृत्व में संगठन कार्यकारी समूह स्थापित किए गए, जिससे कांग्रेस को मजबूती मिली।
विज्ञापन
वह पार्टी में नीति योजना समूह में अध्यक्ष पद पर रहे। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष रमण भल्ला ने कहा कि देश और जम्मू कश्मीर में डाॅ. मनमोहन सिंह द्वारा दिए गए योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। आज भाजपा जिन विकास कार्यों को पूरा करने के दावे कर रही है, वह उनके कार्यकाल में मंजूर करवाए गए थे। उस समय डाॅ. मनमोहन सिंह ने जम्मू कश्मीर में 22 डिग्री कालेज दिए थे।