लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' बुधवार को बिहार के हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र के तहत वैशाली पहुंचा। यहां सुबह चाय पर चर्चा में आम मतदाताओं के मुद्दे जाने गए। दोपहर में युवाओं से चर्चा में युवा मतदाताओं ने लोकसभा क्षेत्र के अपने मुद्दों को बताया। वहीं, अब राजनीतिक दलों के नेता जनता के मुद्दों और समस्याओं का जवाब दे रहे हैं।
'लोग चिराग पासवान को सांसद बनाना चाहते हैं'
हाजीपुर के संस्कृति महाविद्यालय में जदयू नेता ने कहा कि इलेक्शन की घोषणा होने के बाद लोग तन और मन से लग जाते हैं। यह तो रामविलास जी की कर्म भूमि है। 45 लाख लोग हैं इस जिले में, वे सब चाहते हैं कि चिराग पासवान यहां के सांसद बनें और हमारा प्रतिनिधित्व करें। साथ ही रामविलास पासवान जी की विरासत संभालने का और उनके अधूरे कार्य को पूरा करने के लिए यहां कि जनता चिराग को जिताने के लिए तत्पर है।
'राजनीति में विरासत कुछ नहीं होती है'
वहीं, राजद नेता ने कहा कि हम मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं। एनडीए नेता की विरासत वाली बात पर उन्होंने कहा कि राजनीति में विरासत कुछ नहीं होती है। अगर विरासत इतना मायने रखती तो रामविलास पासवान जी अपनी जिंदगी में हाजीपुर की विरासत अपने बेटे चिराग पासवान को सौंप कर जाते, जबकि उन्होंने अपने भाई को यहां की विरासत सौंपी थी। रामविलास जी यहां लगातार जीतते रहे, उनकी जीत में हो सकता है कि मेरा भी वोट कभी रहा हो।
लेकिन मैं ये पूछना चाहता हूं कि जो भी काम रामविलास जी ने वैशाली और हाजीपुर की धरती पर किया है। वो काम किसकी सरकार में थे और कब हुआ है, बात इसपर आती है। वह यूपीए के मंत्री थे तब हुआ और जनता दल की सरकार के समय हुआ है। पिछले आठ वर्ष से हाजीपुर के केंद्रीय मंत्री रहे हैं नरेंद्र मोदी जी की सरकार में। हमारे सहयोगी पिछले आठ वर्षों में केंद्रीय मंत्री द्वारा कराए गए काम गिनवा दें। साथ ही चिराग पासवान अपने पिता रामविलास पासवान के काम का मानक बताते हैं तो वे उन्होंने दस साल में जमुई क्या काम किया है।