संवाद न्यूज एजेंसी
साल्हावास। पिछले वर्ष इंजरी के कारण रिंग से बाहर रहीं खानपुर खुर्द की बेटी और अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर नेहा पिलानिया अब पूरी तरह स्वस्थ हो चुकी हैं।
बाॅक्सर नेहा पिलानिया के पिता सूबेदार बलजीत सिंह ने बताया कि वर्तमान में नेहा खेल मनोविज्ञान में मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रही हैं। चोट के कारण खेल से दूर रहने के चलते उन्होंने इस दौरान अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान दिया। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष नेहा एक बार फिर बॉक्सिंग रिंग में अपना दमखम दिखाएंगी।
नेहा पिलानिया ने जनवरी 2020 में सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक पदक जीतने का रिकॉर्ड अपने नाम किया था। इस उपलब्धि पर उन्हें भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान उन्हें 22 जनवरी 2020 को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रदान किया था।
नेहा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीत चुकी हैं, जिनमें सितंबर 2018 में पोलैंड में गोल्ड मेडल, अप्रैल 2019 में स्पेन में गोल्ड मेडल, जून 2019 में जर्मनी में गोल्ड मेडल और बेस्ट बॉक्सर का अवॉर्ड तथा अक्टूबर 2019 में यूएई में आयोजित जूनियर वुमन एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल शामिल हैं। इसके अलावा वह राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी अनेक पदक जीत चुकी हैं।
हाल ही में हिसार के सेक्टर-16-17 स्थित इंडस पब्लिक स्कूल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में आयोजित संघ शिक्षा वर्ग (विद्यार्थी) के समापन समारोह में उन्हें विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया, जहां उनकी उपस्थिति से खेल प्रेमियों में उत्साह देखने को मिला।