सीएमएस एक महीने से छुट्टी पर, सिजेरियन डिलीवरी बंद
खुर्जा। नगर में स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय में पिछले एक महीने से सीएमएस के अवकाश चले जाने के कारण सिजेरियन डिलीवरी बंद हो गई है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ है। गंभीर मामलों की जांच भी नहीं हो रही है। अस्पताल में एक माह में 70 गर्भवती महिलाओं को रेफर किया गया।
महिला अस्पताल में औसतन 250 से 300 मरीजों की ओपीडी होती है। चिकित्सकों के अनुसार रोजाना होने वाली ओपीडी में लगभग 80 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं आती हैं। वहीं अरनिया, पहासू, शिकारपुर, जहांगीरपुर और खुर्जा जंक्शन क्षेत्र में स्थित सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव की सुविधा नहीं होने के कारण महिलाएं खुर्जा के राजकीय महिला चिकित्सालय पर निर्भर हैं। जहां रोजाना औसतन सात से आठ प्रसव होते हैं, जिसमें दो या तीन मामले सिजेरियन होते हैं। वर्तमान में अस्पताल में बतौर सीएमएस केवल एक ही चिकित्सक तैनात हैं जो पांच मई से अवकाश पर हैं। ऐसे में सिजेरियन डिलीवरी और जांचें प्रभावित हो गई हैं। हालांकि ओपीडी के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से दानपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी को कार्यवाहक सीएमएस के रूप में नियुक्त कर दिया गया है, लेकिन सिजेरियन डिलीवरी के मामलों को रेफर किया जा रहा है।
बुधवार को मिल सकती है सुविधा
सिजेरियन डिलीवरी के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सिकंदराबाद सीएचसी के चिकित्सक डॉ. नरेंद्र की ड्यूटी लगाई गई है। सप्ताह में केवल बुधवार को वह खुर्जा के महिला अस्पताल में रहते हैं, जो सिजेरियन डिलीवरी करते हैं। हालांकि अस्पताल में योजनाबद्घ प्रसव कम ही होते हैं।
पांच महीने पहले लिया था दो माह का अवकाश
मरीजों का कहना है कि सीएमस अधिकांश समय में अवकाश पर रहती हैं। दिसंबर 2021 और जनवरी 2022 में भी वह अवकाश पर थीं। ऐसे में दो महीने से अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी नहीं हुई थी।
सीएमएस एक महीने के अवकाश पर हैं। उनके आने पर प्रसव सामान्य रूप से संचालित होंगे। हालांकि अब भी बुधवार को सिजेरियन प्रसव की सुविधा रहती है।
- डॉ. गौरव सक्सेना, कार्यवाहक सीएमएस