आशा बहुओं ने सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन कर प्रदेश अध्यक्ष का पुतला फूंका। आशाओं ने प्रदेश के पदाधिकारियों पर धन उगाही कर सरकार से समझौता करने के आरोप जड़े।मंगलवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पर चल रहे धरना प्रदर्शन में प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर संविदा
कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर दी। संविदा कर्मियों के साथ अनशन कर रहीं आशा इससे भड़क गई। इन्होेंने आरोप लगाया कि प्रदेश के पदाधिकारियों ने सरकार से मिलकर जिले के लोगों का शोषण किया है। आरोप लगाया कि आशा बहू महासंघ की प्रदेश अध्यक्ष गिरिजा देवी और संविदा स्वास्थ्य
कर्मचारियों के अध्यक्ष महेंद्र ठाकुर ने हड़ताल के दौरान आशा से 100 रुपये की वसूली की। इन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों से हुई वसूली से लाखों रुपये प्रदेश के पदाधिकारियों की जेबों में चले गए। कहा कि इससे आशा बहुएं अपने आप को ठगा महसूस कर रहीं हैं। आशाओं ने सीएमओ कार्यालय परिसर में
प्रदेश अध्यक्ष का पुतला जलाकर भड़ास निकाली। बढ़पुर ब्लाक अध्यक्ष शिमला देवी ने कहा कि सरकार जब तक आशा बहुओं को नियमित कर्मचारी घोषित नहीं करती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने सरकार की ओर से चल रहे राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान आदि का बहिष्कार करने की घोषणा की। इस मौके
पर राजेश कटियार, सर्वेश कटियार, गीता देवी, उमाकंाती, सीमा यादव, स्नेहलता, शीला देवी, सुमन, गिरजा, विमल और सोनी वर्मा आदि मौजूद रहीं। राजकीय वाहन चालक संघ के पदाधिकारियों ने दूसरे दिन भी चक्का जाम कर अधिकारियों की गाड़ियों को नहीं चलाया। चालकों ने मांगे न माने जाने तक
चक्का जाम रखने की बात कही।मंगलवार को राजकीय वाहन चालक संघ के पदाधिकारियों ने सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों के वाहनों को खड़ा करवा दिया। संघ के जिलाध्यक्ष हरिप्रसाद के नेतृत्व में चालकों की टीम ने कलेक्ट्रेट, सीएमओ कार्यालय, पीडब्लूडी, सिंचाई खंड आदि कार्यालयों में चालकों को
चक्का जाम करने को कहा। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार जब तक मांगे नहीं मानती, तब तक वाहन जहां के तहां खडे़ रहेंगे। महामंत्री राका रंजन ने कहा कि सरकार राजकीय चालकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। इन्होंने संघ कार्यालय में चर्चा कर चक्का जाम जारी रखने की रणनीति बनाई। इस मौके पर
अशोक कुमार, समाधान, लज्जाराम, महेश, मुन्ना, महावीर दीक्षित, रामकुमार, जगदीश, बृजपाल, वीरेंद्र, विनोद सक्सेना, राजेश, सुधीर शर्मा, उमैर खां, हनीफ, किशोर कुमार, बलवीर सिंह, संजय सिंह, रघुवीर प्रसाद, लक्ष्मीकांत, दाताराम, राजकिशोर, श्याम बहादुर, कौशलेंद्र मिश्रा और अशोक कटियार आदि मौजूद रहे।