साल्वेज टिंबर को सरकार उन स्वयंसेवियों को बतौर इनाम देगी जो जंगलों में अकारण लगने वाली आग बुझाने में योगदान देंगे। वन मंत्री ने बताया कि ऐसे लोगों को प्राथमिकता के आधार पर विभाग इन पेड़ों से बढ़िया लकड़ी निकाल कर टीडी के तहत देगा।
इस लकड़ी का इस्तेमाल वन विश्राम गृहों, निरीक्षण गृहों, ट्रांजिट आवासों, वन प्रशिक्षण केंद्रों, सामुदायिक भवनों, संवाद केंद्रों, चिड़ियाघरों आदि के अलावा ईको टूरिज्म के संवर्धन और जंगलों में विभिन्न ट्रैक पर लगाए जाने वाले लकड़ी के छोटे पुलों के लिए भी इस्तेमाल होगा।
सूखे और गिरे पेड़ों के चलते नए पौधे तैयार नहीं हो पाते थे। बेशकीमती लकड़ी जंगलों में ही पड़ी सड़ जाती थी। जंगलों में आग लगने का भी यही मुख्य कारण होता है। विभाग को राजस्व का नुकसान होता है। नई नीति से इन सबसे से निजात मिलेगी।