पासपोर्ट के बारे में हम सब जानते ही है, अगर आपको बाहर जाना है तो आपके पासपोर्ट होना अनिवार्य है, बिन पासपोर्ट के आप बाहर नहीं जा सकते है। लेकिन इसे बनवा पाना अपने आप टेढ़ी खीर के बराबर है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। हरियाणा सरकार ने बजट में कई गई घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए शनिवार को शहर के प्रधान डाकघर से पासपोर्ट बनाने की सुविधा का शुभारंभ कर दिया। हिसार और फरीदाबाद में भी इस सुविधा का आगाज होने वाला है। कार्यालय का उद्घाटन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और सांसद अश्वनी चोपड़ा ने किया। पहले दिन पासपोर्ट बनवाने के लिए 25 लोगों के आवेदन स्वीकार किए गए। यहां प्रतिदिन 50 पासपोर्ट बनाए जाएंगे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि संचार क्रांति की वजह से दुनिया एक गांव का रूप ले चुकी है और लोगों का विदेशों में आवागमन भी दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, ऐसे में पासपोर्ट बनवाना लोगों के लिए पहली आवश्यकता है। इसे ही ध्यान में रखते हुए भारत सरकार द्वारा देश के 450 जिलों में डाकघर पासपोर्ट सेवा केन्द्र खुलवाए जा रहे हैं।
सांसद चोपड़ा और खट्टर में श्रेय लेने की होड़
श्रेय लेने की कोशिश में सांसद अश्वनी चोपड़ा ने कहा कि, वे लंबे समय से पासपोर्ट ऑफिस खुलवाने की कोशिश में थे। इसके लिए दो बार विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पत्र भी लिख चुके हैं। इसके बाद व्यक्तिगत रूप से मिलकर जब इस संबंध में बात की तो उन्होंने बताया कि इस बारे में मुख्यमंत्री की तरफ से भी पत्र आया है। इस पर उन्होंने कहा कि हमारे करनाल में जरूर पासपोर्ट ऑफिस खोलेंगे। वहीं मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सांसद की बातों का इशारों में जवाब देते हुए कहा कि मैनें सुषमा स्वराज से मिलकर कहा कि वैसे तो मेरे लिए पूरा हरियाणा बराबर है, लेकिन सीएम सिटी होने के कारण करनाल में पासपोर्ट ऑफिस जरूर खुलना चाहिए।इस पर उन्होंने कहा कि एक ऑफिस खोला तो लोग आप पर भेदभाव का आरोप लगाएंगे, इसलिए जितना आप कहेंगे, उतने ऑफिस खुल जाएगा। तब मैंने करनाल के अलावा हिसार, फरीदाबाद में भी पासपोर्ट ऑफिस खोलने की मांग की।