फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

19 साल का हो गया आज गौतमबुद्धनगर

Fri, 06 May 2016 09:47 AM IST
राजेश भाटी/अमर उजाला, नोएडा

सार

  • 6 मई 1997 को हुई थी गौतमबुद्ध नगर की स्थापना
  •  राष्ट्रीय नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनी पहचान 
विज्ञापन
Noida gate - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्र में शुमार जिला गौतमबुद्धनगर आज 19 साल का हो गया। इस बीच जिले को कई झटके लगे लेकिन अपनी तरह की बेहतरीन विकास परियोजनाओं ने जिले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। दुनिया के सबसे बड़े हैंडीक्राफ्ट फेयर और ऑटो एक्सपो के आयोजनों ने जिले के स्तर को ऊंचा कर दिया।
विज्ञापन


6 मई 1997 को गाजियाबाद के दादरी, बिसरख और बुलंदशहर के जेवर व दनकौर ब्लॉक को जोड़कर गौतमबुद्धनगर बनाया गया। जिले की घोषणा बसपा सरकार में की गई थी, लेकिन 13 जनवरी 2004 को सपा सरकार ने जनपद को खत्म कर फिर गाजियाबाद और बुलंदशहर में शामिल कर दिया था। इसके विरोध में लोगों ने आंदोलन चलाया। हाईकोर्ट के आदेश पर 25 जून 2004 को फिर से गौतमबुद्धनगर जिला सृजित हो गया। 2000 से 2010 के बीच जिले ने 52 फीसदी से अधिक की विकास दर हासिल की। कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को देखते हुए अगले कुछ सालों में विकास का ग्राफ और बढ़ेगा। 

जिले पर एक नजर
कुल क्षेत्रफल- 1354 वर्ग किमी. (ग्रामीण-1205.4 और शहरी- 148.6 वर्ग किमी)
जनसंख्या - 16.48 लाख (पुरुष- 8.9 लाख व महिला- 7.5 लाख)
साक्षरता - 80.12 फीसदी (पुरुष-88.06 फीसदी व महिला 70.82 फीसदी)
लिंगानुपात- 1000 पुरुषों पर 851 महिलाएं (शहरी-836 व ग्रामीण-873 महिलाएं)

19 साल में तेजी से हुआ विकास
19 साल के इस दौर में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण की स्थापना के बाद औद्योगिक, संस्थागत, कॉमर्शियल और आवासीय क्षेत्र तेजी से विकसित हुए। विदेशी निवेश बढ़ा। एजूकेशन हब स्थापित हुआ जो देश भर में अलग पहचान रखता है। आज जनपद के पास अपना जिला मुख्यालय, विकास भवन और न्यायालय परिसर हैं।
विज्ञापन


जनपद की प्रमुख चालू योजनाएं 
-यमुना एक्सप्रेसवे
- बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट
- रेलवे कंटेनर डिपो
- जनपद न्यायालय
- एसएसपी ऑफिस

प्रमुख प्रगतिशील योजनाएं
- नोएडा-ग्रेनो मेट्रो
- पेरिफेरल एक्सप्रेसवे
- दिल्ली- मुबंई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
- नाइट सफारी
- हेलीपैड
-दादरी ओवरब्रिज
-जीटी रोड पर बाईपास


कई बड़ी घटनाओं से चर्चा में रहा जिला
- अगस्त 2008 में घोड़ी बछेड़ा गांव में जमीन आंदोलन में पुलिस फायरिंग में छह किसानों की जान गई
- सितंबर 2008 में इटेलियन एमएनसी ग्रेजियानो के कर्मचारियों के उग्र आंदोलन में कंपनी के सीईओ की पीट-पीटकर हत्या
- मई 2011 में भट्टा पारसौल आंदोलन में पुलिस की गोलीबारी से दो किसान और दो सिपाही की मौत
- सितंबर 2015 में बिसाहड़ा गांव में प्रतिबंधित पशु काटने की सूचना पर हुआ इकलाख हत्याकांड
- अप्रैल 2016 में दादरी में बदमाशों से मुठभेड़ में दरोगा की हत्या, साथी पुलिसकर्मी डर कर भागे


हर वर्ग के सहयोग से है जनपद का विकास
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों का एक दूसरे की भावनाओं में जितना लगाव होना चाहिए उतना नहीं है। दोनों में आपस में तालमेल की जरूरत है। विकास के चलते किसान खुद को पीड़ित नहीं समझे, बल्कि विकास का हिस्सा समझें। सभी के प्रयासों से ही जनपद विकास की ओर अग्रसर है जिसमें सभी वर्ग का सहयोग है। जनपद को 19 साल पूरे होने पर सभी को बधाई।
विज्ञापन

- एनपी सिंह, जिलाधिकारी-गौतमबुद्ध नगर
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें