दस साल तक सूबे की सरकार के मुखिया रहे और हरियाणा में जाटलैंड की राजनीति के दिग्गज कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेबाक बोल सीधे सरकार को कटघरे में खड़े करते हैं। प्रदेश में दंगों की जांच के लिए हाल ही पेश की गई प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट पर वे कहते हैं कि भाजपा की स्थिति ऐसी है कि खिसयानी बिल्ली, खंभा नोचे। क्योंकि उसकी सरकार दंगों में पूरी तरह से नाकाम रही है और वह खुद बचने के लिए दूसरों पर आरोप लगा रही है। रही सबूत होने की बात तो अभी तक जांच कमेटियों के सामने क्यों नहीं लाए गए?
मैं मानता हूं कि किसी भी अपराध का सबूत छुपाने वाला भी दोषी होता है और उस पर भी कार्रवाई होनी चाहिए या उसे सबूत देने चाहिए। रिपोर्ट में जिस तरह से गृह सचिव, डीजीपी, इंटेलीजेंस, सामान्य प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं, उसे लेकर हुड्डा ने गृह विभाग का मुखिया होने के कारण सीधे सीएम मनोहर लाल खट्टर को दंगे रोकने में नाकाम बताया है। अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में पूर्व सीएम मौजूदा समय में प्रदेश के विकास और यहां की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर खुलकर बोले। पेश है उनसे बातचीत के अंश:
सवाल: सीएम मनोहर लाल खट्टर का उनकी कैबिनेट के साथ तालमेल पर आप क्या कहेंगे?
जवाब: सीएम और उनके मंत्रियों में आज तक तालमेल नहीं हो सका है। उनके बीच विरोधाभास कैबिनेट के अंदर होने वाले फैसलों को लेकर भी दिखाई देता है। मैं किसी मंत्री का नाम लेकर नहीं कहूंगा, लेकिन सभी को पता है कि सीएम और उनके एक मंत्री तो हमेशा लड़ते रहते हैं।
सवाल: सरकार कहती है कि हरियाणा एक, हरियाणवी एक की नीति से समान विकास करा रहे हैं। आप क्या मानते हैं?
जवाब: हरियाणा एक, हरियाणवी एक कब नहीं था? हरियाणा जब से बना है, तभी से हरियाणवी भी एक ही है। लेकिन वर्तमान सरकार को यह अच्छा नहीं लगता है। वह हमेशा एक-दूसरे को भिड़ाने का काम करती है और जातिगत आधार पर बंटवारा करने में लगी है।
सवाल: सरकार के डेढ़ साल के कामकाज को लेकर आपकी क्या राय है?
जवाब: सरकार ने काम ही कहां किया है। अगर काम किया होता तो किसी न किसी जगह दिखाई तो देता। हमारे समय में मंजूर हो चुकी योजनाओं को दोबारा मंजूरी दी गई और फिर उनका फीता काट देते हैं। यह सरकार केवल फीता काट सरकार बनकर रह गई है।