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सरकार के कामकाज, जाट आंदोलन की आड़ में दंगा पर खुलकर बोले हुड्डा

Tue, 17 May 2016 05:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पूर्व सीएम हुड्डा - फोटो : amar ujala
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दस साल तक सूबे की सरकार के मुखिया रहे और हरियाणा में जाटलैंड की राजनीति के दिग्गज कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेबाक बोल सीधे सरकार को कटघरे में खड़े करते हैं। प्रदेश में दंगों की जांच के लिए हाल ही पेश की गई प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट पर वे कहते हैं कि भाजपा की स्थिति ऐसी है कि खिसयानी बिल्ली, खंभा नोचे। क्योंकि उसकी सरकार दंगों में पूरी तरह से नाकाम रही है और वह खुद बचने के लिए दूसरों पर आरोप लगा रही है। रही सबूत होने की बात तो अभी तक जांच कमेटियों के सामने क्यों नहीं लाए गए?
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मैं मानता हूं कि किसी भी अपराध का सबूत छुपाने वाला भी दोषी होता है और उस पर भी कार्रवाई होनी चाहिए या उसे सबूत देने चाहिए। रिपोर्ट में जिस तरह से गृह सचिव, डीजीपी, इंटेलीजेंस, सामान्य प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं, उसे लेकर हुड्डा ने गृह विभाग का मुखिया होने के कारण सीधे सीएम मनोहर लाल खट्टर को दंगे रोकने में नाकाम बताया है। अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में पूर्व सीएम मौजूदा समय में प्रदेश के विकास और यहां की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर खुलकर बोले। पेश है उनसे बातचीत के अंश:


सवाल: सीएम मनोहर लाल खट्टर का उनकी कैबिनेट के साथ तालमेल पर आप क्या कहेंगे? 
जवाब: सीएम और उनके मंत्रियों में आज तक तालमेल नहीं हो सका है। उनके बीच विरोधाभास कैबिनेट के अंदर होने वाले फैसलों को लेकर भी दिखाई देता है। मैं किसी मंत्री का नाम लेकर नहीं कहूंगा, लेकिन सभी को पता है कि सीएम और उनके एक मंत्री तो हमेशा लड़ते रहते हैं। 
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सवाल: सरकार कहती है कि हरियाणा एक, हरियाणवी एक की नीति से समान विकास करा रहे हैं। आप क्या मानते हैं?
जवाब: हरियाणा एक, हरियाणवी एक कब नहीं था? हरियाणा जब से बना है, तभी से हरियाणवी भी एक ही है। लेकिन वर्तमान सरकार को यह अच्छा नहीं लगता है। वह हमेशा एक-दूसरे को भिड़ाने का काम करती है और जातिगत आधार पर बंटवारा करने में लगी है। 
सवाल: सरकार के डेढ़ साल के कामकाज को लेकर आपकी क्या राय है?
जवाब: सरकार ने काम ही कहां किया है। अगर काम किया होता तो किसी न किसी जगह दिखाई तो देता। हमारे समय में मंजूर हो चुकी योजनाओं को दोबारा मंजूरी दी गई और फिर उनका फीता काट देते हैं। यह सरकार केवल फीता काट सरकार बनकर रह गई है। 
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सदन से अनुपस्थित रहे कांग्रेस विधायक दल - फोटो : amarujala
सवाल: प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट में अफसरों को दंगों का दोषी माना जा रहा है। क्या सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच रही है। इस रिपोर्ट पर क्या कहेंगे?
जवाब: प्रदेश में दंगे के लिए पूरी तरह से सरकार दोषी है और इस सच्चाई से सरकार बच नहीं सकती है। कमेटी की रिपोर्ट में गृह सचिव, डीजीपी, इंटेलीजेंस, सामान्य प्रशासन को नाकाम माना गया है, लेकिन इन सबके मुखिया खुद सीएम है, क्योंकि यह सभी विभाग उनके पास है। इससे अब साफ हो गया है कि प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट में सीएम तक को नाकाम बताया है। जब सीएम नाकाम रहे तो सरकार नाकाम रही। केवल प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट ही सरकार के खिलाफ नहीं है, बल्कि जन आयोग की रिपोर्ट में भी सरकार की नाकामी साफ बताई गई है।

सवाल: आप सरकार को नाकाम मान रहे है तो रिपोर्ट को लेकर आपका अगला कदम क्या होगा?
जवाब: सबसे पहले हम प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग करते है। जब उसमें आम लोगों के बयान लिए गए हैं तो आम लोगों के लिए रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही? इसके साथ ही मैं शुरुआत से मामले में सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से दंगे की जांच कराने की मांग उठा रहा हूं। लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है और अब हम इसको जनता की अदालत के बीच लेकर जाएंगे। जहां बताएंगे कि रिपोर्ट में किस तरह अफसरों व सरकार की नाकामी उजागर हुई है।  
सवाल: सरकार ने नेशनल हेराल्ड मामले में आप पर मुकदमा दर्ज कराया है। इस पर क्या कहेंगे?
जवाब: सरकार पूरी तरह से बदले की भावना से काम कर रही है। हमसे पहले इनेलो के साथ बीजेपी की साझी सरकार थी और फिर हमारी लगातार सरकार रही। लेकिन हमने कभी किसी के साथ कोई गलत भावना नहीं रखी। अब यह सरकार झूठे मामले बनाकर हमारी आवाज दबाना चाहती है, लेकिन हम आम जनता की आवाज को लगातार उठाते रहेंगे। 

सवाल: कुलदीप बिश्नोई की कांग्रेस में वापसी को किस नजरिये से देखते है?
जवाब: इससे साफ पता चलता है कि कांग्रेस पार्टी की ओर रुझान बढ़ रहा है। दूसरी पार्टियों के लोग कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। पहले कुलदीप बिश्नोई कांग्रेस के साथ आए और फिर इनेलों के पूर्व विधायक भी। क्योंकि कांग्रेस ही एक ऐसी पार्टी है जो हर वर्ग के साथ है और उनके लिए काम करती है। 
सवाल: प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर ने इनेलो के पूर्व विधायकों के पार्टी में आने पर सवाल उठाए हैं। आप क्या कहेंगे?
जवाब: ना किसी ने कोई सवाल उठाया, ना कोई उठा रहा है। क्योंकि पार्टी नियमों के अनुसार ही पूर्व विधायकों को शामिल किया गया है। अब इस पर कोई बात ही नहीं रह जाती है, जब प्रदेश प्रभारी शकील अहमद भी यह कह चुके है कि सब कुछ पार्टी नियमों के तहत हुआ है।  

सवाल: आप हाल ही दिल्ली में सोनिया गांधी से मिले, उनसे क्या बातचीत हुई?
जवाब: वह हमारी पार्टी की शीर्ष नेता है और मैं उनसे पहली बार नहीं मिला हूं। मैं उनसे लगातार मिलता रहता हूं। उनसे सबसे ज्यादा राजनीति पर बातचीत हुई है तो संगठन पर भी काफी बातें हुई। 
 सवाल: जाटों को आरक्षण देने पर आपकी क्या राय है?
जवाब: जाटों को हमारी सरकार ने पहले ही आरक्षण दे दिया था, लेकिन उस पर केवल स्टे लगा था। अब सरकार ने जो आरक्षण दिया है, वह हमारे दिए गए आरक्षण की कार्बन कॉपी है। हमारे दिए गए आरक्षण का श्रेय भाजपा लेना चाहती है। लेकिन भाजपा को आरक्षण देना था तो इतना समय क्यों लिया और इतना बवाल क्यों कराया?
सवाल: आंदोलन के दौरान मरने वालों को मुआवजा व नौकरी का वादा हुआ, लेकिन अभी तक नहीं मिला। सरकार की क्या मंशा लगती है?

जवाब: सरकार आंदोलनकारियों को आंदोलनकारी ही रहने दे, उनको अपराधी ना बनाएं। क्योंकि अपराधी वे होते हैं जो लूटपाट या आगजनी करते हुए पकड़े जाए। ऐसे कोई पकड़ा गया हो तो मैं भी उसके लिए कुछ नहीं कहूंगा। लेकिन आंदोलनकारियों पर मुकदमे दर्ज कर दिए गए और इस आंदोलन में जिनकी मौत हुई है उनके परिवार वालों को मुआवजा तक नहीं दिया जा रहा है। मैं सभी मरने वालों के परिवार वालों को मुआवजे व नौकरी की मांग कर रहा हूं। वहीं जिनका नुकसान हुआ है, उनको भी पूरा मुआवजा नहीं दिया गया। यह सरकार की पूरी तरह से वादा खिलाफी है।
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