प्रदेश में जनपदवार एंटी पावर थेफ्ट यूनिट (बिजली चोरी रोकने वाले थाने) के गठन पर संकट छा गया है। पुलिस महानिरीक्षक स्थापना लखनऊ ने इनके गठन पर रोक लगा दी है। अब बिजली चोरी के मामलों में पहले की तरह ही पुलिस थानों में रिपोर्ट दर्ज होती रहेगी।
प्रदेश में बिजली चोरी रोकने के लिए शासन द्वारा हर जनपद में एंटी पावर थेफ्ट यूनिट के गठन का निर्णय लिया था। इस पर पुलिस महानिरीक्षक स्थापना लखनऊ ने 27 अक्तूबर को हर जनपद के अपर पुलिस महानिदेशक, सतर्कता एवं अपराध और अपर पुलिस अधीक्षक को एक पत्र जारी किया गया था, इसमें बिजली चोरी रोकने के लिए एक एंटी पावर थेफ्ट यूनिट गठन करने के साथ ही चिह्नित किए गए जनपदवार एक थाने में ही रिपोर्ट दर्ज कराने एवं जनपद की क्राइम ब्रांच में विद्युत चोरी के अभियोगों की विवेचना कराए जाने के लिए निर्देशित किया था।
पुलिस महानिदेशक लखनऊ द्वारा उक्त 27 अक्तूबर 2017 के आदेश द्वारा जनपदवार चिह्नित किए गए। एक थाने पर बिजली चोरी के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने, जनपद की अपराध शाखा द्वारा विवेचना कराए जाने और एंटी पावर थेफ्ट यूनिट का गठन करने संबंधी उक्त आदेश पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। पत्र में बताया गया है कि वर्तमान व्यवस्था के अनुसार जनपदों में विद्युत चोरी रोकने के संबंध में विद्युत अधिनियम 2003 की धारा -135, 138 से 141 एवं धारा 150 के अंतर्गत एफआईआर पूर्व की भांति विद्युत चोरी स्थल से संबंधित थाने पर ही दर्ज की जाएगी और इन अभियोगों की विवेचना भी संबंधित थाने पर ही की जाएगी। विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता डी विमलेश कुमार ने बताया कि पुलिस महानिदेशक के उक्त आदेश की प्रति उन्हें भी प्राप्त हो चुकी है, इसके अनुसार ही बिजली चोरी के मामले संबंधित थानों में पूर्व की तरह ही कराए जाएंगे।