इटावा। ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए बनाई जाने वाली ई-लाइब्रेरी का काम बजट के अभाव में अटक गया है। जिले की 100 ग्राम पंचायतों में ई-लाइब्रेरी बनाए जाने का प्रस्ताव करीब तीन माह पहले भेजा गया था लेकिन अब तक बजट जारी नहीं हो सका है। ऐसे में इनका निर्माण कार्य अटक गया है।
शासन की मंशा के अनुसार जिले की हर ग्राम पंचायत में ई-लाइब्रेरी बनाई जानी है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को पढ़ाई के लिए दूर दराज के क्षेत्र में नहीं जाना पड़ेगा। पंचायत भवन में ही ई-लाइब्रेरी का संचालन किया जाएगा। इनमें ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनाें तरह से पढ़ाई की सुविधा होगी।
इंटरनेट आधारित अध्ययन सामग्री, डिजिटल बुक्स, ऑनलाइन कोर्स और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए यह लाइब्रेरी महत्वपूर्ण संसाधन बनेंगी। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद फंड न मिलने से योजना अटकी हुई है। युवाओं का मानना है कि ई-लाइब्रेरी शुरू होने पर प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे पुलिस, शिक्षक भर्ती, एसएससी, बैंकिंग, यूपीएसएसएससी आदि की तैयारी आसान से हो सकेगी।
एक ई-लाइब्रेरी पर चार लाख रुपए की रकम खर्च की जाएगी। इसी आधार पर शासन से बजट मांगा गया है। इस रकम से ई लाइब्रेरी का पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जाएगा। जिसमें पुस्तकों से लेकर कंप्यूटर व प्रिंटर शामिल है।
ई-लाइब्रेरी को बनाए जाने के लिए ग्राम पंचायतों का चयन हो चुका है। किताबों के लिए भी जिला स्तरीय समिति ने सूची को अंतिम रूप दे दिया गया है। बजट प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। धनराशि मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
बनवारी सिंह, डीपीआरओ