झज्जर। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए युवक को झज्जर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने 14 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। अधिकरण ने माना कि हादसा बस चालक की लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने के कारण हुआ था। बीमा कंपनी को मुआवजा राशि का भुगतान सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित करने के निर्देश दिए गए हैं।
गांव सुलोधा निवासी मनीष यादव ने अधिकरण में याचिका दायर कर बताया था कि 19 अप्रैल 2019 को वह अपने भाई हिमांशु के साथ मोटरसाइकिल से धारूहेड़ा से रेवाड़ी जा रहा था। एनएच-71 स्थित रामगढ़ चौक के पास पीछे से तेज रफ्तार में आ रही बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बस का पहिया मनीष के पैर पर चढ़ गया, जिससे उसका पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
सुनवाई के दौरान बस चालक, मालिक और बीमा कंपनी ने दुर्घटना पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि उन्हें गलत तरीके से जिम्मेदार ठहराया गया है। हालांकि अधिकरण ने एफआईआर, चार्जशीट, मेडिकल रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेजों के आधार पर दुर्घटना को बस चालक की लापरवाही से हुआ माना।
अधिकरण ने मेडिकल खर्च, भविष्य की आय में नुकसान, दर्द व कष्ट, विशेष आहार, परिचर खर्च, आवागमन और जीवन की सुविधाओं में कमी सहित विभिन्न मदों में कुल 14 लाख रुपये मुआवजा तय किया है।