विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश संगठन मंत्री मनोज कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से प्रदेश में गुलामी के प्रतीकों के नाम बदलने को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। धर्म स्वतंत्र विधेयक और गौ संवर्धन बोर्ड के गठन पर मुख्यमंत्री के समक्ष एक पत्र भी पढ़ा गया।
मुख्यमंत्री के सम्मान में पढे़ गए पत्र के बाद जैसे ही परिषद के सदस्यों ने भारत माता का जयघोष किया तो मुख्यमंत्री अपने आंखों के आंसू नहीं रोक पाए। इसके बाद सीएम को भगवा ध्वज सहित वट वृक्ष का स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री को चंद्र भागा संगम पर 100 साल के बाद मनाए जाने वाले छाछा अनुष्ठान के बारे में जानकारी दी और सरस्वती नदी के बोर्ड की तर्ज पर चंद्र भागा धरोहर विकास बोर्ड बनाने की मांग रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने विचार करने का आश्वासन दिया। छाछा अनुष्ठान मई महीने में होने वाला हिंदू और बौद्ध की मित्रता का एक विजय स्तंभ होगा।
इस अनुष्ठान का निमंत्रण सीएम सहित विपक्ष के नेता प्रेम कुमार धूमल व विश्व प्रसिद्ध हस्तियों को भी दिया जा रहा है। छाछा अनुष्ठान हिमाचल के इतिहास में अपने आप में पहला ऐसा अनुष्ठान होगा। इसमें लाहौल की 28 पंचायतों के लोगों के घरों से अनाज एकत्र किया जाएगा।