दवा से ज्यादा फायदा फिजियोथेरेपी से फायदा
वेलमेड अस्पताल की फिजियोथिरेपिस्ट डॉ. अनामिका घिल्डियाल ने कहा कि फिजियोथेरेपी यूं तो आधुनिक चिकित्सा पद्धति मानी जाती है, लेकिन भारत में सदियों से चले आ रहे मालिश व कसरत के नुस्खे का ही यह मिला-जुला रूप है। मानसिक तनाव, घुटनों, पीठ या कमर में दर्द जैसे कई रोगों से बचने या निपटने के लिए बिना दवा खाएं या चीरा लगवाएं, फिजियोथेरेपी एक असरदार तरीका है। कहा कि केवल रोगी ही नहीं, बल्कि स्वस्थ लोग भी चुस्त-दुरुस्त रहने को फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह ले सकते हैं।
महिलाओं को मिलता है कम वेतन
ये रहे मौजूद
राजकीय दून मेडिकल अस्पताल के कम्युनिटी मेडिसिन की एसोसिएट प्रो. डॉ. अनुपमा आर्या, आरोग्यधाम अस्पताल की निदेशक डॉ. प्राची चंद्रा कंडवाल, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की पैथोलॉजी की एसोसिएट प्रो. डॉ. मिनाली राजा, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की असिस्टेंट प्रो. एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आयशा, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल कम्यूनिटी मेडिसिन की इंटर्न डॉ. वैष्णवी कश्यप, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इंटर्न डॉ. वर्शिका चौहान, स्वास्थ्य विभाग की डॉ. श्रेया सती, वेलमेड अस्पताल की महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुश्री, वेलमेड अस्पताल की फिजियोथिरेपिस्ट डॉ. अनामिका घिल्डियाल और श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल के कैंसर सर्जरी विभाग की असिस्टेंट प्रो. डॉ. पल्लवी कौल।