कुमाऊं की भीमताल विधानसभा सीट से भाजपा विधायक दान सिंह भंडारी ने शुक्रवार देर रात अपने पद इस्तीफा दे दिया। देर रात दान सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
दान सिंह के इस्तीफा देने से स्पष्ट हो गया कि वे शनिवार को राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा का साथ नहीं देंगे। इतना ही नहीं वह राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के साथ खड़े दिख सकते हैं।
पुराना है हरीश प्रेम
दान सिंह भंडारी का हरीश रावत से प्रेम नया नहीं है। हरीश रावत के मुख्यमंत्री बनते ही उनके लिए सीट छोड़ने वालों में दान सिंह भंडारी का नाम प्रमुखता से उछला था। हालांकि उस समय कांग्रेस विधायक ने ही उनके लिए धारचूला से सीट छोड़ दी थी।
दान सिंह भंडारी भाजपा से विधायक जरूर रहे, लेकिन उनकी गिनती काडर बेस नेताओं में नहीं होती थी। ब्लॉक प्रमुख से विधायक तक का सफर उन्होंने अपने किसान आंदोलन और संघर्ष के बलबूते तय किया है। दान सिंह भंडारी की इलाके में पकड़ ही दोनों पार्टियों के लिए अहम रही है।
हरीश रावत के संपर्क में
सूत्रों की माने तो दान सिंह कांग्रेस का साथ देने को तैयार हो गए हैं। मुख्यमंत्री के करीबियों के मुताबिक दान सिंह सीधे तौर पर हरीश रावत के संपर्क में हैं। उल्लेखनीय है कि भाजपा विधानमंडल दल की शुक्रवार को देहरादून में हुई बैठक में गैरहाजिर रहने वाले विधायकों में भंडारी भी शामिल थे।