अब उत्तराखंड का नारी निकेतन हिमाचल, चंडीगढ़ और पंजाब से सीख लेगा। जांच समिति इन राज्यों के नारी निकेतनों का निरीक्षण कर बेहद प्रभावित हुई। उन्होंने मंगलवार को राज्यपाल डॉ. केके पाल को सौंपी।
अपनी रिपोर्ट में उत्तराखंड में भी बाकी जगहों की तरह संवासिनियों के खाते खोलने और नारी निकेतन से छूटने के बाद बीस हजार रुपये उनके खाते में डालने का सुझाव दिया। इतना ही नहीं संवासिनियों को शिक्षित करने पर भी जोर दिया गया।
समिति ने दूसरे राज्यों के नारी निकेतनों का किया भ्रमण
जनवरी 2016 में शासन की ओर से नारी निकेतन प्रकरण में जांच समिति गठित की गई थी। समिति में महिला आयोग की अध्यक्ष सरोजिनी कैंतुरा, पूर्व अध्यक्ष सुशीला बलूनी, संतोष चौहान, आलोक घिल्डियाल, सुजाता सिंह शामिल हैं।
नारी निकेतन प्रकरण के खुलासे के बाद यहां सुधारों की स्थिति देखने के लिए समिति ने दूसरे राज्यों के नारी निकेतनों का भ्रमण किया। समिति दूसरी जगहों की व्यवस्थाओं से बेहद प्रभावित हुए।
समिति ने हिमाचल, चंडीगढ़ और पंजाब के नारी निकेतनों में देखा कि वहां पर संवासिनियों की पढ़ाई पर जोर दिया जाता है। इन्हें ओपन बोर्ड से पढ़ाई कराई जाती है। कई तरह के कोर्स कराए जाते हैं। संवासिनियों के खाते खोले जाते हैं।
छूटने के बाद बीस हजार रुपये उनके खाते में डालकर दे दिए जाते हैं, ताकि वह इससे अपनी नई जिंदगी शुरू कर सकें और खाते में लिखा उनका स्थाई पता भी नारी निकेतन में दर्ज हो जाए। रिपोर्ट में कुल 27 बिंदुओं पर सुझाव दिए गए हैं।