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अपराजिता: शिक्षित समाज की स्थापना सभी का कर्तव्य, नारी गरिमा को बनाए रखें अक्षुण्ण

Tue, 16 Jul 2019 02:03 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
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झांसी में हुआ अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम - फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला के नारी गरिमा के साझा संकल्प ‘अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत ‘सभी पढ़ेंगे, तभी बढ़ेगा देश’ विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई, जिसमें वक्ताओं ने कहा कि दुनिया के जितने भी विकसित देश हैं, सभी में शिक्षा का स्तर ऊंचा रहा है। यही वजह है कि वे आगे हैं। अपने देश को विकसित देशों की श्रेणी में लाने के लिए शिक्षा को सर्वोपरि रखना होगा। शिक्षित समाज की स्थापना प्रत्येक देशवासी का कर्तव्य होना चाहिए। इस दौरान नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने की शपथ भी ली गई।

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सोमवार को आंतिया ताल के पास स्थित टारगेट कोचिंग में आयोजित परिचर्चा में संस्थान के पंकज साहू ने कहा कि लोगों के शिक्षित होने से देश की तमाम समस्याएं खुद-ब-खुद खत्म हो जाएंगी। खासतौर पर जनसंख्या नियंत्रण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ेगी। पीयूष दुबे ने कहा कि समाज को शिक्षित बनाना केवल सरकार का ही काम नहीं है, बल्कि इसके लिए देश के प्रत्येक नागरिक को आगे आना होगा। 

प्रवीण साहू बोले कि हमें केवल अपनों की शिक्षा पर ही ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा की रोशनी पहुंचे, इसका सभी को प्रयास करना चाहिए। गौरव ने कहा कि शिक्षित व्यक्ति जिस प्रकार अपनी परिवार का विकास करता है, उसी प्रकार सभी के शिक्षित होने से देश विकसित होगा। इस दौरान रूपेश, प्रमोद आर्या, अरविंद साहू, कबीर साहू आदि ने भी विचार प्रकट किए। 
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शिक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है, लेकिन अभी भी बहुत काम की आवश्यकता है। खासतौर में ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष काम की जरूरत है।
- अनुष्का

शिक्षित लोग ही समाज में बदलाव लाते हैं। शिक्षा के प्रति लोगों का नजरिया बदलने से ही आज देश विकास के रास्ते पर अग्रसर है।
- तनिष्का यादव

गंदगी की समस्या हो या जनसंख्या वृद्धि की, सभी के शिक्षित होने से तमाम समस्याएं खुद ब खुद सुलझ जाएंगी। शत प्रतिशत साक्षरता जरूरी है। 
- आर्यन

हुनरमंद होने के बाद भी तमाम लोग अपने जीवन स्तर में सुधार नहीं ला पाते हैं, इसकी वजह उनका शिक्षित न होना है। इसलिए जरूरी है कि सभी शिक्षित हों।
- वैशाली तिवारी

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