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अमीनाबाद नरसंहार के दोषी को उम्रकैद

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इटावा। 17 साल पहले इकदिल के अमीनाबाद में हुए सामूहिक नरसंहार के मामले में कोर्ट ने मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जमीन के विवाद में नादिया गैंग ने पांच लोगों की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। परिवार के चार लोग और एक रिश्तेदार को मौत के घाट उतार दिया था।
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इकदिल थाना क्षेत्र के अमीनाबाद गांव में 12 मार्च 2008 को पांच लोगों की गोली मारकर हत्या की गई थी। औरैया के अजीतमल के गांव के अमिलिया गांव निवासी सर्वेश कुमार दोहरे ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसकी ससुराल अमीनाबाद में है। वह 12 मार्च 2008 की रात को ससुराल में ही रुका था। रात दो बजे पांच-छह लोग घर में घुसे और गालीगलौज करते हुए घर के अंदर सो रहे लोगों को बाहर खींचकर लाकर पीटने लगे थे। वह एक बाहरी कमरे में लेटा था शोर सुनकर खिड़की से देखा तो आरोपी असलहे लिए थे। इन लोगों ने उनके ससुर विश्राम सिंह, सास रजनीदेवी, साले अर्जुन उर्फ गुड्डू, साले की पत्नी सोनी व सोनी के भाई 10वीं के छात्र रिंकू की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना होते देखकर वह मौका पाकर भाग निकला था। हमलावरों के भागने के बाद वह लौटकर आया था। सुबह पुलिस पहुंची और शवों का पोस्टमार्टम कराकर रिपोर्ट दर्ज की। रिपोर्ट में बताया कि होम सिंह से उसके ससुर की जमीन को लेकर रंजिश थी। इसलिए उसने साथियों संग हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस ने होम सिंह होमा, सोमवीर, दीपचंद्र, रामानंद जाटव, देवेश व नरेंद्र जाटव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। ये सभी नादिया गैंग के थे। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि होम सिंह फरार था। इसलिए होम सिंह की पत्रावली अलग करके सुनवाई हुई और इसको छोड़कर अन्य को वर्ष 2015 में सजा हो चुकी थी। पुलिस ने होम सिंह को वर्ष 2016 में गिरफ्तार करके जेल भेजा था। होम सिंह के मामले की सुनवाई एडीजे प्रथम की कोर्ट में हुई। वादी पक्ष की ओर से एडीजीसी निखिल अग्रवाल ने पैरवी की। न्यायाधीश अखिलेश कुमार ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोप सही पाया और आरोपी होम सिंह उर्फ होमा को उम्र कैद की सजा व 14 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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