चंडीगढ़। नया गांव में अफसरशाही के अवैध कब्जों के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिए कि सरकार 60 वरिष्ठ अधिकारियों की जमीन का रिकार्ड हाईकोर्ट में पेश करे। मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान कार्यकारी चीफ जस्टिस एमएम कुमार एवं जस्टिस आलोक सिंह की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि अगर सरकार यह रिकार्ड हाईकोर्ट में पेश नहीं कर पाती है, तो अगली सुनवाई में खुद मुख्य सचिव कोर्ट में उपस्थित रहें। खंडपीठ ने सरकार को दो सप्ताह की मोहलत देते हुए सुनवाई 17 मई को निर्धारित की है।
सुनवाई के दौरान पंजाब की काउंसिल रीटा कोहली ने होईकोर्ट से रिकार्ड पेश करने के लिए चार सप्ताह की मोहलत देने की अपील की। खंडपीठ ने अपील खारिज करते हुए कहा कि सरकार इस रिकार्ड को पेश करने में देरी क्यों कर रही है? इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्हाेंने कहा कि पटवारी कुछ मिनटाें में ही राजस्व रिकार्ड निकालकर 60 अधिकारियाें की जमीन का रिकार्ड दे देंगे कि उनके कब्जे नजूल भूमि, शामलात, वन या फिर पंचायत भूमि में हैं, लेकिन सरकार फिर भी जानबूझकर देरी कर रही है। खंडपीठ ने कहा कि इससे जाहिर है कि सरकार देरी के बहाने कर रही है।