स्वामी विवेकानंद सभागार में प्रशिक्षण
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बालोद जिले में बच्चों का पोषण संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली मिड डे मील के रसोइये अब नशे पर प्रतिबंध लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसको लेकर बालोद जिले के स्वामी विवेकानंद सभागार में महिलाओं का प्रशिक्षण ड्रग निरीक्षकों ने लिया। इसके बाद खाना बनाने वाली महिलाओं को आश्वस्त किया है कि किसी बच्चे में नशे की लत की देखने को मिलती है तो वह इसकी सूचना दें।
बालोद जिले के ड्रग निरीक्षक दीपिका चुरेंद्र ने बताया कि हम गांव-गांव यह लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं कि गांव में जो नशीले पदार्थ बिकते हैं, उन पर लगाम लगाया जा सके। इसके लिए गांव की महिलाएं हैं, इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मध्यान्ह भोजन प्रभारी रजनी वैष्णव ने बताया कि मध्यान्ह भोजन बनाने वाली महिलाएं सीधे-सीधे गांव के बच्चों से जुड़ी हुई होती हैं। बच्चों के जरिए वे उनके परिवार से भी जुड़ी रहती हैं। यही कारण है कि यहां पर महिलाएं नशीली दवाई के व्यापार को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। सभी महिलाओं ने बताया कि बच्चों में नशीली दवाओं की आदतों के लक्षण दिखते ही वे इसकी सूचना सीधे ड्रग निरीक्षकों को देंगी और इस अवैध व्यापार पर लगाम लगाया जा सकेगा।