छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के चित्रकूट विधानसभा से कांग्रेस विधायक दीपक बैज चितापुर गांव में लगे जनसमस्या निवारण शिविर में पहुंचे थे। यहां बोरिंग से निकलने वाले गंदे पानी को देखकर वह इस कदर नाराज हुए कि पहले उस पानी को खुद पिया और फिर अधिकारी को पीने के लिए दिया। विधायक को यह जानकारी मिली थी कि छिंदवाड़ा गांव के निवासी सालों से बोरिंग से निकलने वाले लाल पानी को पीने के लिए मजबूर हैं। जिसके बाद विधायक ने गांव पहुंचकर एक बोतल में बोरिंग के उस गंदे पानी को भर लिया।
गंदे पानी की बोतल लेकर
कांग्रेस विधायक सीधे जनसमस्या निवारण शिविर में पहुंचे जहां अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि तक मौजूद थे। शिविर में पहुंचकर उन्होंने पीएचई के एसडीओ की क्लास लगाई। पहले उन्होंने विधायक को काफी डांटा और फिर गंदे पानी की बोतल उनके सामने रख दी। इसके बाद उन्होंने बोतल का गंदा पानी खुद पिया और फिर अधिकारी को पीने के लिए दिया। पानी पीने के बाद अधिकारी ने माना कि यह पानी सच में पीने लायक नहीं है।
विधायक बैज ने अधिकारी को पानी पिलाने के बाद कहा कि जब तक गांववालों को साफ पानी नहीं मिलता तब तक उन्हें भी ऐसा ही गंदा पानी पीना पड़ेगा। दरअसल
बोरिंग से निकलने वाले पानी में आयरन की मात्रा बहुत अधिक है जिसकी वजह से पानी पीने लायक नहीं है और उसका रंग लाल हो गया है। पानी पीने के बाद जब अधिकारी ने इस बात को माना कि पानी में आइरन की मात्रा ज्यादा है तो विधायक ने ग्रामीणों से ताली बजाने के लिए कहा।
दीपक बैज को अपने अनोखे प्रदर्शन के लिए जाना जाता है। इससे पहले पिछले साल दिसंबर में छत्तीसगढ़ सरकार के 14 साल पूरे होने के मौके पर उन्होंने कंधे पर सिलेंडर रखकर विरोध प्रदर्शन किया था। रैली के दौरान उन्होंने कहा था कि अपने कंधे पर सिलेंडर उठा कर मैंने यह बताया है कि जनता इसी तरह महंगाई के बोझ तले दबी हुई है। सरकार की नीतियों की वजह से जनता को बहुत सारी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।