छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव का काउंट डाउन शुरू हो गया है। ऐसे में सभी नेता अपनी सहुलियत की मांग कर रहे हैं। लेकिन प्रदेश में पहचान पत्र को लेकर सभी नेता सक्रिय हैं। इसी साल 18 साल की उम्र (व्यस्क) पूरी कर चुके युवाओं का नाम पहचान पत्र लिस्ट में रजिस्टर करवाने को लेकर सभी नेता जोर-शोर दिखाकर नए वोट को रिझाने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने राजनीतिक दलों और सभी 27 जिलों के कलेक्टर, एसपी, कमिश्नर, आईजी और तमाम अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों पर बातचीत की। तैयारियों को देखते हुए लगता है कि दिसंबर में होने वाले चुनाव 2 चरण में हो सकते हैं। हालांकि, सत्तारुढ़ भाजपा के साथ जोगी कांग्रेस ने तीन चरणों में और प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने दो चरणों में चुनाव कार्यक्रम बनाने की मांग की।
वहीं, आयोग ने वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने की तारीख एक बार फिर बढ़ाते हुए इसे 7 सितंबर तक कर दिया है। ये दूसरा मौका है जब आयोग ने तारीख बढ़ाई है। ऐसे वोटर जिनकी उम्र 1 जनवरी 2018 को 18 साल हो चुकी है, वे फॉर्म 6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। ये सुविधा ऑनलाइन भी उपलब्ध है। 27 सितंबर को फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार बस्तर आईजी ने नक्सल क्षेत्र में वोटिंग के लिए अलग चरण की मांग की। नक्सल क्षेत्र में 20 नई बटालियन की मांग भी की गई है।
रावत ने अपने दोनों आयुक्तों के साथ करीब साढ़े पांच घंटे मैराथन बैठक की। इसमें पिछले चुनाव से लेकर भावी चुनाव की तैयारियों के बारे में कलेक्टरों-एसपी की रिपोर्ट पर चर्चा की। दरअसल, आयोग की ओर से इस दूसरी समीक्षा बैठक के लिए सभी कलेक्टरों और एसपी को 11 बिंदुओं पर प्रजेंटेशन देना था। इसमें आयोग की ओर से पिछले चुनाव में कितनी शराब जब्त की गई, ऐसे मतदान केंद्र जहां सबसे ज्यादा चुनावी खर्च हुआ जैसी जानकारी मांगी गई थी।