पिछले एक सप्ताह से जिले में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कभी आंधी तूफान के साथ बारिश हो रही है तो कभी तेज बारिश के साथ ओले गिर रहे हैं। शुक्रवार की दोपहर फिर से मौसम का मिजाज बदल गया, जहां आंधी-तूफान के साथ रिमझिम बारिश होने लगी।
मुड़ापार निकासी डॉक्टर गोपाल कुर्रे ने बताया कि मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव के चलते निश्चित ही लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। खासकर बच्चे और बूढ़ों पर ज्यादा प्रभाव पड़ा है। जो अधिक उम्र के हैं, उनके स्वास्थ्य पर अधिक असर पड़ रहा है। वहीं, छोटे बच्चों को बुखार और सर्दी की शिकायत अधिक आ रही है। ऐसे में दोनों वर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि वह बीमार होने से बच सकें।
मौसम का मिजाज बदलने के कारण शहर के सरकारी अस्पताल के अलावा निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। खासकर बुखार और सर्दी के मरीज अधिक पाए जा रहे हैं। जिला मेडिकल कॉलेज में सुबह से ही मरीजों की संख्या बढ़ी हुई थी। ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइन लगी हुई थी।
जिला मेडिकल कॉलेज के सह अधीक्षक रविकांत जाटवर ने बताया कि प्रतिदिन जिला मेडिकल कॉलेज में छह से सात सौ मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं, लेकिन अभी हाल ही में पिछले एक सप्ताह से मरीजों की संख्या आठ सौ तक पहुंच रही है। निश्चित ही मौसम का परिवर्तन होने के चलते मरीजों की संख्या बढ़ी है। इसके लिए ओपीडी बनाया गया है। इसके अलावा इमरजेंसी ओपीडीपी खोला गया है, ताकि लोगों को समय पर इलाज मिल सके।