छत्तीसगढ़ के खरसिया में राहुल गांधी अपनी पुनर्खोज कर रहे थे। उनकी भाषा बदली हुई थी। उनके मुहावरे बदले हुए थे। वे बेहद आक्रामक मुद्रा में भाजपा पर हमले करते नजर आए।
राहुल गांधी की सभा रायपुर में भी रखी गई है। जीरम घाटी हमले में मारे गए नंदकुमार पटेल के बेटे उमेश पटेल खरसिया से चुनाव लड़ रहे हैं। राहुल गांधी ने अपने भाषण का ज्यादातर हिस्सा नंदकुमार पटेल और जीरम घाटी पर ही केंद्रित रखा।
राहुल गांधी ने कहा कि आम आदमी के लिए हर जगह जीरम घाटी है। हर तारीख 25 मई है। जब किसी युवा के हाथ से अवसर छीने जाते हैं तो वह भी जीरम घाटी है। आपके साथ हर जगह अत्याचार हो रहा है। आपका धन है। आपकी शक्ति है। आप इसका प्रयोग करो।
मुझे एक नंदकुमार पटेल नहीं चाहिए, कम से कम 500 नंदकुमार पटेल चाहिए।
इन्हें मैं दिल्ली से नहीं लाऊंगा। यहीं से निकालूंगा। राहुल ने कहा कि वह जानते हैं कि छत्तीसगढ़ बड़ा प्रदेश बन सकता है, अगर धन युवाओं के हाथों में दिया जाए तो छत्तीसगढ़ भी पंजाब, हरियाणा, दिल्ली जैसा खड़ा हो सकता है।
राहुल गांधी ने नंद कुमार पटेल को याद करते हुए कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ को पता चल गया था कि एक आदमी ये हालात बदल सकता है, नंदकुमार पटेल। उनकी सोच क्या थी, उनका दिल सीएम का नहीं था।
उनका दिल सरपंच का था। वे जानते थे कि जमीन से शुरू करना पड़ेगा।
राहुल ने कहा कि जीरम घाटी घटना के बाद उमेश पटेल मेरे पास आए और बोले कि मेरे पिता और भाई को मार दिया गया है, अब मेरे पास कुछ नहीं है। राहुल ने उनके बेटे को भरोसा दिलाया कि मैं तुम्हारे साथ खड़ा हूं।
जो कुछ भी करोगे अपने पिता को ध्यान में रखकर करो। राहुल ने जनता का आह्वान करते हुए कहा कि आप सब नंदकुमार पटेल बनेंगे और कांग्रेस की जीत तय करेंगे, ताकि जीरम घाटी जैसी घटना कभी न हो।