कोरबा के ग्राम तिलकेजा स्थित धान खरीदी केंद्र में उस वक्त विवाद की स्थिती निर्मित हो गई जब प्रभारी ने पांच किसानों को यह कहकर चलता कर दिया कि उनका धान अमानक है। बस इसी बात को लेकर किसान आक्रोशित हो गए और केंद्र के गेट के बाहर धरने पर बैठ गए।
कोरबा के ग्राम तिलकेजा स्थित धान खरीदी केंद्र में उस वक्त विवाद की स्थिती निर्मित हो गई जब प्रभारी ने पांच किसानों को यह कहकर चलता कर दिया कि उनका धान अमानक है। बस इसी बात को लेकर किसान आक्रोशित हो गए और केंद्र के गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। किसानों ने प्रभारी पर दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया है। इस संबंध में जब हमने प्रभारी से बात की तब उन्होंने अपने उपर लगे आरोप को सिरे से नकार दिया।
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धान खरीदी केंद्र में एक किसान ने फड़ प्रभारी पर केंद्र में घुसने नहीं देने का आरोप भी लगाया। किसान ने बताया कि जब वह अपना धान लेकर भीतर घुसा तब गेट बंद कर दिया गया और उसके साथ धक्का-मुक्की की गई जिससे वह जमीन पर गिर गया जिससे उसके हाथ के अंगूठे में चोट भी लगा है।
किसान शंकर दयाल शर्मा ने बताया कि धान का टोकन काटने के बाद बेचने के लिए आया हुआ था इसके बाद गेट खुलने के बाद जैसे ही अंदर गया उसके साथ प्रभारी के द्वारा दूर्व्यवहार किया गया जब इसका विरोध किया गया तब उसने धन लेने से मना कर दिया।
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किसानों के प्रदर्शन से विवाद की स्थिती निर्मित हो गई लिहाजा पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। उरगा थाना प्रभारी युवराज तिवारी ने बताया कि सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए लोगों को समझाया गया जिसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ। काफी समझाने के बाद विवाद समाप्त हुआ और किसानों ने धरना समाप्त किया।