राष्ट्रीय राजमार्ग 63 पर सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बीती रात पंडरीपानी मोड़ पर लकड़ियों से भरा ट्रक पलट गया। इस हादसे में चालक जहां सुरक्षित रहा, वहीं हेल्पर के हाथ में चोट लगने के कारण उसे उपचार के लिए मेकाज में भर्ती किया गया है।
मामले के बारे में जानकारी देते हुए ट्रक चालक ने बताया कि वह लकड़ियों को भरकर केशलूर की ओर जा रहा था। तभी बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात एक बजे के लगभग ट्रक का लोहा टूटने से हादसा हो गया। ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क पर जा गिरा।
वहीं लकड़ियों को जिस रस्सी से बांधा गया था, वह भी टूटने से ट्रक मोड़ में पलट गया, जिसके चलते लकड़ियां खेत में जा गिरा, चालक तो सुरक्षित रहा पर हेल्पर घायल होने से अस्पताल ले जाया गया। वहीं सड़क के ऊपर ट्रक पलटने के कारण अन्य वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
थम नहीं रहे हादसे
पंडरीपानी के जिस मोड़ में यह घटना घटी है, वहां की बात करे तो इसी मोड़ में शहर के कुछ युवाओ की कार पेड़ में टकराने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है, वही एक घायल रहा। इसके अलावा इसी मोड़ पर बाइक सवार द्वारा मोड़ नहीं पाने के कारण वाहन समेत खेत में जा गिरा था। जिससे कि उसकी मौत हो गई थी।
इसके अलावा इसी जगह पर एक तेज रफ्तार कार चालक ने स्कूटी से जा रहे डॉक्टर दंपती को ठोकर मार दी थी। जिससे कि डॉक्टर दंपती घायल हो गए थे, इसके अलावा एक समाज के द्वारा निकाले जा रहे रैली के दौरान पिकअप चालक ने वाहन को पलटा दिया था। जिसमें करीब 24 से अधिक लोग घायल हुए थे।
वहीं इसी मोड़ पर एक चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए ट्रक को पलट दिया। इस हादसे में एक बाइक सवार को अपनी चपेट में ले लिया था। दो दिन बाद जब ट्रक को वहां से हटाया गया तो उसके नीचे से बाइक सवार युवक का शव भी बाहर निकाला गया, इसके अलावा भी कई बड़े हादसे इस मोड़ पर हो चुके हैं।
सुरक्षा के नाम पर लगाये थे डिवाइडर
इस बढ़ते हादसे को देखते हुए यातायात पुलिस के द्वारा हादसों को रोकने के लिए वैकल्पिक रूप से कुछ लोहे के डिवाइडर को लगा दिया गया था, जिससे कि तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लग सके, लेकिन वाहनों की रफ्तार ने उन डिवाइडर को ही ठोकर मार क्षतिग्रस्त कर दिया।