उत्तर प्रदेश के कौशांबी के पास सड़क हादसे में बलरामपुर रामानुजगंज जिले के तीन श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई थी वहीं 18 लोग घायल हो गए थे। इस हृदय विधायक घटना को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री ने दुख व्यक्त करते हुए घायलों की हर संभव मदद करने के दिशा निर्देश प्रशासन को दिए थे परंतु प्रशासन की असंवेदनशीलता देखने को तब मिली जब प्रशासन के द्वारा एंबुलेंस से घायलों को एक ओर बेहतर इलाज के लिए छत्तीसगढ़ लाने का दावा किया जाता रहा वहीं जब एंबुलेंस में घायलों को बलरामपुर जिला चिकित्सालय शनिवार की रात्रि 10 बजे के करीब पहुंचे तो प्रशासन का एक भी प्रतिनिधि मौके पर नहीं था वही किराया तक एंबुलेंस का प्रशासन की ओर से नहीं दिया गया जिसके बाद पूर्व जिला पंचायत सदस्य धीरज सिंह देव के द्वारा 47 हजार रूप किराया एंबुलेंस का दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बलरामपुर विकासखंड से 21 तीर्थ यात्रियों का दल उत्तर प्रदेश के विभिन्न धार्मिक स्थलों में तीर्थ यात्रा में गया था वापस शुक्रवार को सभी आ रहे थे इसी दौरान कौशांबी नेशनल हाईवे में खड़ी टेलर से पिकअप की टक्कर हो गई जिससे तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई वहीं 18 लोग घायल हो गए घटना पर मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री ने दुख व्यक्त करते हुए घायलों को हर संभव मदद करने का निर्देश जिला प्रशासन को दिया था। शनिवार को ग्राम सुर्रा के गंभीर रूप से घायल दंपति अंकित प्रजापति 38 एवं आरती प्रजापति 34 को एंबुलेंस से लेकर शनिवार को पूर्व जिला पंचायत सदस्य धीरज सिंह देव एवं जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भानु प्रकाश दीक्षित वाड्रफनगर पहुंचे जहां से उन्हें रायपुर के लिए एंबुलेंस से भेजा गया अंकित के गर्दन की हड्डी टूट गई है वही आरती के भी कमर में गंभीर चोट लगा है। वहीं अन्य घायल एंबुलेंस से जिला चिकित्सालय में शनिवार के रात 10 पहुंचे जिसमे सुर्रा के अजय पाल, राकेश पाल, दिलीप गुप्ता ललिता देवी सहित अन्य लोग थे। वाड्रफनगर में व बलरामपुर जिला चिकित्सालय में प्रशासन की ओर से न कोई प्रतिनिधि पहुंचा नहीं किसी प्रकार की मदद घायलों को मिल सकी।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य धीरज सिंह देव ने बताया कि जैसे ही हम लोग कौशांबी में सड़क घटना की जानकारी मिली तो तत्काल हम लोग मौके पर रवाना हुवे।उधर से वापस हम लोगो के साथ एक एंबुलेंस प्रयागराज से घायल दंपति को लेकर वाड्रफनगर तक पहुचा। जहां एंबुलेंस का किराया काफी कम प्रशासन की ओर से दिया जा रहा था जिसके बाद मैन 13 हजार रुपय नगद एंबुलेंस वाले को दिया। जहां से घायल दंपति को बेहतर इलाज के लिए रायपुर भेजा गया।वहीं बलरामपुर जिला चिकित्सालय में तीन एंबुलेंस शनिवार के रात 10 बजे पहुंची थी जिसमें घायल थे मौके पर प्रशासन की ओर से कोई भी प्रतिनिधि नहीं पहुंचा था वही एंबुलेंस का भी किराया के लिए घायलों के स्वजनों के बाद पैसा नहीं था। मुश्किल से 1हजार,2 हजार करके कुछ पैसा एंबुलेंस वाले को दिए थे। जब मैं 10:20 में वहां पहुंचा तो मुझे जानकारी मिली जिसके बाद मैंने एक साथ 47 हजार रुपय एंबुलेंस का दिया एवं जो पैसा घायलों के स्वजनों ने दिया था उसे वापस कराया श्री सिंह देव ने बताया कि घायल के स्वजनों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह किराया दे सकें।
जनपद उपाध्यक्ष भानु प्रकाश दीक्षित ने बताया कि हम लोग को सबसे पहले प्रयागराज पहुंचे जहां से मृतक को गृह ग्राम भेजने की व्यवस्था बनाई वहीं उसके बाद घायलों को छत्तीसगढ़ भेजने की व्यवस्था बनाई गई उन्होंने बताया कि वाड्रफनगर में न बलरामपुर जिला चिकित्सालय में प्रशासन की ओर से कोई भी प्रतिनिधि पहुंचा नहीं कोई मदद मिल पाई।