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मुख्यमंत्री का जन फीडबैक अभियान: ग्रामीणों की शिकायत पर वन विभाग के तीन अधिकारी निलंबित, कहा- लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

Sat, 07 May 2022 05:15 AM IST
Jeet Kumar पीटीआई, रायपुर

सार

कार्यक्रम की एक वीडियो क्लिप में, मुख्यमंत्री को उनके निलंबन के लिए निर्देश जारी करते हुए और फिर वहां मौजूद दो अधिकारियों को जाने के लिए कहते हुए सुना जा सकता है।
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकारी योजनाओं को सही से लागू करने के लिए जन फीडबैक अभियान चला रखा है। इसके तहत कार्रवाई करते हुए सूरजपुर जिला में शुक्रवार को अपने जनसंपर्क अभियान के दौरान एक संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) सहित तीन वन अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया। 

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सीएम के निर्देश के तुरंत बाद राज्य के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने सूरजपुर डीएफओ मनीष कश्यप, सेमरसोट वन्यजीव अभयारण्य के अधीक्षक बुधसाई भगत और वन रेंज अधिकारी एस संस्कृति बार्ले के निलंबन के आदेश जारी किए।

लोगों से योजनाओं की सीधी जानकारी लेने पहुंच रहे सीएम
सरकारी अधिकारी ने कहा कि अपनी सरकार के कामकाज और कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन के बारे में लोगों से सीधी प्रतिक्रिया लेने के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्र के दौरे पर सीएम बघेल पहुंचे। इस दौरान वह शुक्रवार को प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के गोविंदपुर गांव पहुंचे इसके रास्ते में सूरजपुर में पड़ता है यहां ये अधिकारी तैनात थे।
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गौठान योजना में शिकायत मिलने पर हुई कार्रवाई
उन्होंने कहा कि आवर्ती चराई योजना के तहत गौठान की स्थापना के संबंध में ग्रामीणों की शिकायत मिलने पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया। कार्यक्रम की एक वीडियो क्लिप में, मुख्यमंत्री को उनके निलंबन के लिए निर्देश जारी करते हुए और फिर वहां मौजूद दो अधिकारियों को जाने के लिए कहते हुए सुना जा सकता है।

सरकारी योजनाएं आम लोगों और किसानों के कल्याण के लिए
गौठान योजना के माध्यम से पशुपालकों से उचित दाम पर गोबर की खरीद की जाती है और उस गोबर का गौठान में वर्मी कंपोस्ट का निर्माण किया जाता है। सीएम बघेल ने कहा कि लापरवाही करने वाले को निलंबित कर दिया जाएगा। सरकारी योजनाएं लोगों और किसानों के कल्याण के उद्देश्य से हैं, लेकिन लापरवाह अधिकारी इसका मजाक उड़ा रहे हैं।

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