छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों के लिए चलाए जा रहे स्वास्थ्य क्लीनिकों की तर्ज पर मवेशियों को चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों की योजना शुरू करेगी। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्य सचिव अमिताभ जैन को इस संबंध में जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
अधिकारी ने बताया, मुख्यमंत्री गोवंश मोबाइल चिकित्सा योजना के पहले चरण में प्रत्येक जिले में पशु चिकित्सकों के साथ एक या दो मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा, सेवा का चरणबद्ध तरीके से विस्तार किया जाएगा। राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों में 'मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना' और ग्रामीण क्षेत्रों में 'मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना' चला रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों सहित सभी नागरिकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने कहा, इसी तर्ज पर अब पशुओं के कल्याण और संरक्षण के उपायों के तहत मवेशियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के लिए मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयां शुरू करने का निर्णय लिया गया है। अधिकारी ने कहा, सरकार द्वारा संचालित पशु चिकित्सालयों और सुराजी गांव योजना के तहत स्थापित गौठानों में पशुओं के लिए स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
इससे पहले जुलाई 2020 में राज्य सरकार ने गाय पालन को बढ़ावा देने, पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पशुपालकों को वित्तीय लाभ प्रदान करने के लिए गोबर खरीद योजना शुरू की थी। इसी तरह इस साल जुलाई में चुनिंदा स्थानों पर गोमूत्र खरीद योजना शुरू की गई थी।