सीएम साय ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती पर उन्हें नमन किया
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में पूर्व सांसद और केन्द्रीय मंत्री स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, प्रियंबदा सिंह जूदेव और ओम प्रकाश सिन्हा भी उपस्थित थे।
सीएम साय ने कहा कि स्वर्गीय जूदेव मेरे राजनैतिक पथ-प्रदर्शक थे। आज मेरा राजनीतिक जीवन स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव को समर्पित है, उन्हीं की इच्छा थी कि मैं छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनूं। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि उनका आशीर्वाद आज फलित हुआ। स्वर्गीय जूदेव ने हमेशा आदिवासी हक की लड़ाई लड़ी, उन्होंने हमेशा सनातन संस्कारों को बचाए रखने के लिए संघर्ष किया। छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार उन्हीं के पदचिन्हों पर चलते हुए आदिवासी कल्याण और राज्य में सुशासन स्थापित करने के लिए संकल्पित होकर काम कर रही है।
स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने सीएम को एसोसिएशन की ओर से एंबुलेंस भेंट किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय जूदेव से जुड़ी पुरानी यादों को साझा किया। उन्होंने बताया कि स्वर्गीय जूदेव से मैंने विनम्रता सीखी है। कार्यकर्ताओं के प्रति अपनापन सीखा है। उनके भीतर गहरा सेवा भाव था। मुझे भी यह सेवा भाव बहुत भाता है। मरीजों के प्रति सेवा भाव में जो आनंद है। वह और किसी चीज में नहीं है।
सीएम साय ने कहा अपने 30 बरस के राजनीतिक जीवन में मैंने अनेक लोगों का इलाज कराया। यह मेरा सबसे बड़ा संतोष है। उन्होंने बताया कि राज्य मंत्री के रूप में एक ही बरस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह कर प्रधानमंत्री राहत कोष से 12 करोड रुपए की राशि से मरीजों का इलाज कराया। डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्वकाल में हर दूसरे तीसरे दिन उन्हें किसी मरीज के इलाज के लिए पत्र लिखता था। वे कहते थे कि सबसे ज्यादा मरीजों के इलाज के लिए पत्र आपके पास से आते हैं। वे हमेशा मेरा आग्रह स्वीकार करते थे और मरीजों की इलाज के लिए तत्काल कार्रवाई कराते थे।
मुख्यमंत्री साय ने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने जूदेव का स्मरण करते हुए कहा कि जूदेव मेरे राजनीतिक गुरु रहे और आज मैं जिस मुकाम पर हूँ वहाँ पहुंचने पर उनका बहुत बड़ा योगदान रहा है। उनसे मैंने राजनीति सीखी, विनम्रता सीखी, कार्यकर्ताओं से किस तरह व्यवहार करना चाहिए सब सीखा। मैं आप सभी एसोसिएशन के सदस्यों को धन्यवाद देना चाहता हूँ कि आप सभी ने मरीजों की सेवा के लिए एम्बुलेंस भेंट किया है।