आरोप है कि सिर्फ खर्च देकर इन मजदूरों को रखा था। इसी दौरान खर्च कम पड़ने पर मजदूरों ने कहा कि काम दो सिर्फ खर्च पर कब तक रहेंगे। मजदूरों ने कहा कि अगर ऐसा ही करना है तो उन्हें वापस दिया जाए। उनकी बात सुनकर मालिक ने ईट बनवाने का काम शुरू कराया। काम चालू होने पर इन मजदूरों से ज्यादा काम लिया गया और मारपीट भी की गई। साथ ही महिलाओं से भी अभद्र व्यवहार करने का आरोप मजदूरों ने लगाया है। इस सब से परेशान होकर सभी मजदूर 17 नवंबर को भट्ठे से भागकर गुजरात चले गए। बताया है कि यहां दो से तीन साल पहले इन मजदूरों ने काम किया था। मजदूरों ने वहां के सेठ से आपबीती बताई, जिसके बाद पुराने सेठ ने मदद करते हुए इन्हें कुछ खर्चा और काम दिया।
मजदूरों के मुताबिक, इस बीच फिर से राजस्थान से सेठ प्रकाश पांच लोगों को लेकर गुजरात पहुंच गया और उन्हें धमकी देते हुए उनके बच्चे को जबरदस्ती गाड़ी में बिठा कर सभी मजदूरों को वापस काम पर लौटने के लिए दबाव बनाने लगा। साथ ही अपने द्वारा दिए गए पैसे को वापस करने पर बच्चे को छोड़ने की बात कहने लगा। इस पर मजदूरों ने जन साहस मजदूर हेल्पलाइन नंबर 18002000211 मे मदद लेकर डायल 100 में कॉल की, तब पुलिस की गाड़ी मौके पर पहुंची, जिसमें पुलिस अधिकारियों ने इन मजदूरों को छुड़वाया। वहीं गुजरात के सेठ ने जो खर्चा मजदूरो को दिया हुआ था। उसी रुपए और जन साहस मजदूर की टीम के माध्यम से वे अपने-अपने गांव वापस पहुंचे। इन लोगों में से 21 मजदूरों ने बिलासपुर कलेक्ट्रेट पहुंचकर उचित कार्रवाई के लिए ज्ञापन सौंपा।