याचिका की सुनवाई के बाद जस्टिस अरविंद सिंह चंदेल की एकलपीठ ने राज्य शासन और नगर निगम रायपुर को नोटिस जारी करते हुए छह सप्ताह में जवाब मांगा है। साथ ही सहायक इंजीनियर के पद पर पदोन्नति आदेश जारी करने पर रोक लगा दी है।
असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर प्रमोशन का आदेश जारी करने पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। साथ ही याचिका की सुनवाई के बाद जस्टिस अरविंद सिंह चंदेल की एकलपीठ ने राज्य शासन और नगर निगम रायपुर को नोटिस जारी करते हुए छह सप्ताह में जवाब मांगा है।
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याचिका के अनुसार, वर्ष 2013 में संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों में उप.अभियंता के पद पर भर्ती एवं नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल रायपुर ने ऑनलाइन आवेदन पत्र आमंत्रित किया था। भर्ती परीक्षा के बाद याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति नगर निगम रायपुर के विभिन्न जोनों में हुई थी। 10 साल बाद 2023 में आयुक्त नगर निगम, रायपुर द्वारा सब इंजीनियर के पद पर वरिष्ठता सूची प्रकाशित की गई। इसमें याचिकाकर्ता से कम अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी सब इंजीनियर का नाम वरिष्ठता सूची में याचिकाकर्ता के नाम से ऊपर रखा गया।
इससे याचिकाकर्ता प्रमोशन से वंचित हो गए। इससे क्षुब्ध होकर याचिकाकर्ता नरेश कुमार साहू, पुकेष कुमार साहू, शैलेन्द्र कुमार पटेल एवं गरिमा वर्मा अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी एवं घनश्याम कश्यप के माध्यम से रिट याचिका दायर की गई। याचिका की सुनवाई के बाद जस्टिस अरविंद सिंह चंदेल की एकलपीठ ने राज्य शासन और नगर निगम रायपुर को नोटिस जारी करते हुए छह सप्ताह में जवाब मांगा है। साथ ही सहायक इंजीनियर के पद पर पदोन्नति आदेश जारी करने पर रोक लगा दी है।