बीजापुर जिले के भोपालपटनम ब्लॉक मुख्यालय से महज 25 किलोमीटर दूर चन्दूर बालक आश्रम शाला एक शिक्षक की भरोसे आश्रम संचालित हो रही हैं। आश्रम की स्थिति दयनीय बनी हुई है।
यहां पदस्थ अधीक्षक चिड़ेम नारायण का तबादला मार्च में उसूर ब्लाक के धर्मावरम में हो गया है। लेकिन पांच माह बीत जाने के बाद भी यहां किसी को चार्ज नही दिया गया। बीईओ प्रवीण लाल कुड़ेम नें व्यकल्पिक व्यवस्था के लिए वह शिक्षक हिरदय राम जनगंटी सहायक शिक्षक को पदस्थ कर कार्य करने को कहा है। लेकिन उनके पास किसी भी प्रकार नियुक्ति का लिखत आदेश नहीं हैं। वे मौखित तौर पर कार्य कर रहे हैं। जिस अधीक्षक का ट्रांसफर चंदूर से उसूर ब्लाक के धर्मावरम में हुआ है।उसने अभी तक चार्ज नही दिया हैं।
व्यकल्पिक व्यवस्था संभाल रहे हिरदय राम जनगंटी ने बताया कि मेरे पास न तो कैश बुक है और न ही पास बुक या कोई उच्च अधिकारियों का आदेश है। यह संचालित आश्रम शाला मे 7 बच्चे अध्यानरथ हैं जिसमे तीन बच्चे आश्रम मे रहकर पढ़ाई कर रहे हैं वही 4 बच्चे गांव से आते हैं। उन्हें पढ़ाने के लिए अधीक्षक के आलावा कोई अन्य शिक्षक शाला मे नहीं हैं। शिक्षा व्यवस्था कि बदहाली चिंता जनक हैं। आए दिन व्यवस्थाओ पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लेकिन व्यवस्था सुधारने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा हैं। देखा जाये तो शिक्षा व्यवस्था पर सरकार सालाना करोड़ो रुपये खर्च कर रही हैं। लेकिन ज़मीन पर इसे पतीला लगाने कोई कसर नहीं छोड़ा जा रहा हैं। कर्मचारी या अधिकारी दोनों अपने दायित्व का निर्वहन सही तरह से नहीं कर रहे हैं। ऐसे मे बच्चो के भविष्य के साथ क्या होगा इनकी लापरवाही से बच्चो का भविष्य गर्त मे जा रहा हैं।
अधीक्षक ने आश्रम छोड़ा लेकिन नहीं दिया चार्ज
अधीक्षक चिड़ेम नारायण का प्रमोशन पर तबादला दूसरे ब्लाक के धर्मावराम स्कूल मे पांच माह पहले हुआ था। लेकिन पांच माह बीत जाने के बाद भी अभी तक उस आश्रम शाला का प्रभार किसी को नही सौपा गया। नया सत्र शुरू होने के बाद यहाँ आश्रम शाला की व्यवस्था पर अधिकारियों का ध्यान नही है। यहाँ पदस्थ एकल शिक्षक द्वारा मौखिक आदेश पर आश्रम का संचालन किया जा रहा है। आश्रम शालाओं के संचालन का देखरेख करने वाले भी इस लापरवाही पर सहयोगी बने हैं। ऐसा प्रतीत होता हैं।
तीन बच्चों को लेकर शुरू किया आश्रम शाला
चंदूर के आश्रम शाला मे सदानंदम दुबा तीसरी, आलम लक्ष्मण पाँचवी, जयजल चरण तीसरी क्लास के बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं उनके साथ चार बच्चे चन्दूर गांव से आते हैं। इधर ब्लाक मे देखे तो आश्रम शालाओं कि स्तिथि दयनीय हैं जहा पड़े वह गंदगी पसरी हुई हैं पानी का जमावड़ा हर जगह गड्डो मे रहता हैं। जहा बच्चे सोते हैं, वह बदबू आती हैं। आश्रम संचालन के लिए अधीक्षक बेखबर हैं।
कलेक्टर के आदेश कि अहवेलना मीनू चार्ट कई आश्रमों से गायब
कलेक्टर ने सभी आश्रम शालाओं में भोजन का मीनू तैयार कर इसे कड़ाई से पालन करने के निर्देश अधीक्षकों को दिए गए थे। लेकिन बालक आश्रम चन्दूर में ना ही मीनू लगा है और न ही इसके आधार पर भोजन दिया जा रहा है। बच्चों के बैठने के लिए कारपेट तक बिछा हुआ नही है । जबकि सभी आश्रम शालाओं में कलेक्टर ने साफ सफाई और कारपेट बिछे रहने को कहा है। बावजूद यहां कलेक्टर के आदेश का उल्लंघन हो रहा हैं । चंदूर आश्रम शाला मे मीनू का चार्ट नहीं लगाया गया हैं और जहा लगाया गया हैं। वह उस आधार पर भोजन नहीं मिल रहा हैं। दाल और चावल से बच्चो को खाना खिलाया जा रहा है। ब्लाक के अधिकारी निरीक्षण भी नहीं करते।
क्या बोले मंडल संयोजक
भोपालपटनम के मंडल संयोजक नंद कुमार माराकोंडा ने बताया कि मार्च के माह में चन्दूर अधीक्षक का तबादला उसूर ब्लॉक में हुआ है,अब तक उसने चार्ज नहीं दिया है। यहां पर अधीक्षक बनना कोई नहीं चाहता है। क्योंकि यहां बच्चे कम हैं। नए सत्र शुरू होने के बाद से अभी वहाँ पदस्थ शिक्षक को संचालन का मौखिक आदेश दिए है। मैंने इसकी जानकारी एसी ट्राइबल को दे दी है।
क्या बोले बीईओ
भोपालपटनम ब्लाक खण्ड शिक्षा अधिकारी प्रवीण लाल कुड़ेम ने बताया कि बालक आश्रम शाला चन्दूर में नारायण जनगंटी को व्यकल्पिक व्यवस्था के हिसाब से नियुक्त किया गया हैं। वहां के अधीक्षक का ट्रांसफर हुआ हैं। उसके आलावा वह एक शिक्षक संकुल समन्वयक का कार्य करता हैं।