जालंधर के रामामंडी इलाके में 18 दिन पहले हुई मारपीट के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने और केस कमजोर करने के आरोप लगाकर युवक ने फेसबुक पर लाइव जान देने की कोशिश की। विदेश में रहने वाले दोस्त ने लाइव देख घरवालों को फोन किया और वह समय पर सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे।
युवक को अस्पताल में चिकित्सकों ने ऑब्जर्वेशन पर रखा है। युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं लग रही है। फेसबुक पर लाइव रामामंडी के गगन ने बताया कि 18 दिन पहले उसके साथ कुछ युवकों ने मारपीट की थी, सिर पर 10 टांके लगे थे लेकिन पुलिस ने मामला कमजोर बना दिया और मारपीट करने वालों को गिरफ्तार नहीं किया।
उसने फेसबुक लाइव में सभी के नाम बताए और यह भी बताया कि क्यों वह सुसाइड करने जा रहा है। गगन ने लाइव में कहा है कि वह फाइनांस का करता है। उसने किसी को पैसे दिए थे। वह उसके पैसे नहीं लौटा रहे थे। जब पैसे मांगे तो उन्होंने मारपीट की। युवक तो उन्हें मरा समझकर छोड़ गए थे। हैरानी की बात तो ये है कि मारपीट करने वाले रिश्तेदार भी हैं, जिनकी नजरें उसकी संपत्ति पर हैं और कुछ हड़प ली है।
वारदात के बाद जब उसे होश आया तो किसी तरह अस्पताल पहुंचा। सिर पर 10 टांके लगे हैं। रामामंडी के एसएचओ नवदीप सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए गगन ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने सूर्या एनक्लेव चौकी में शिकायत दी थी लेकिन पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। केस कमजोर करने के लिए 323 के तहत मामला दर्ज किया गया, जबकि उसे 10 टांके लगे हैं और मामला 307 का बनता है।
अगर इरादा कत्ल न भी बनाते तो जिस तरह से उसे चोट आई हैं, उन्हें देखते हुए 325-326 (गंभीर चोट) का मामला दर्ज करना चाहिए था। एसएचओ नवदीप सिंह का नाम जुड़ा तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि वारदात 27 मार्च की है, जबकि उनकी थाने में तैनाती एक अप्रैल को हुई। एसएचओ नवदीप सिंह ही अस्पताल में आत्महत्या की कोशिश करने वाले युवक के बयान लेने पहुंचे थे।
उन्होंने कहा आत्महत्या का प्रयास करने वाला युवक झूठ बोल रहा है, वह वैसे भी मानसिक रूप से ठीक नहीं लग रहा है। उन्होंने कहा कि अगर उसे पुलिस चौकी सूर्या एनक्लेव में इंसाफ नहीं मिला है तो वह इसकी जांच करेंगे। इसकी एमएलआर चेक करेंगे कि आरोपों में कितना दम है। युवक के आरोप सही निकले तो जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे और साथ ही केस में भी फेरबदल करेंगे।