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हरियाणा में चारे का संकट गहराने की चिंता: पशुपालन मंत्री ने बुलाई समीक्षा बैठक, कहा- तूड़ी को प्रदेश से बाहर ले जाने पर प्रतिबंध

Wed, 27 Apr 2022 01:04 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

जेपी दलाल ने कहा कि अन्य राज्यों से आने वाले चारे की निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए और प्रतिदिन चारे की खरीद व बिक्री की निगरानी के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित करें कि अन्य जिलों से चारा लाने वाले वाहनों को आने जाने में कोई कठिनाई न हो।
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पशुपालन मंत्री जेपी दलाल। - फोटो : फाइल
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विस्तार
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हरियाणा में अब सूखे चारे (तूड़ी) का संकट गहराने की आशंका बन गई है। कई जिलों में तूड़ी को लेकर लगाई गई धारा 144 के चलते सूखे चारे का आवागमन रूक गया है और गोशालाओं में तूड़ी नहीं पहुंच पा रही है। बिगड़ते हालातों के बीच मंगलवार को आनन-फानन प्रदेश के पशुपालन मंत्री जेपी दलाल ने आला अधिकारियों की समीक्षा बैठक बुलाकर निर्देश दिया है। दलाल ने यह भी स्पष्ट किया कि सूखे चारे को प्रदेश बाहर ले जाने पर रोक है, अंतर जिला आवाजाही पर रोक नहीं है। 

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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दलाल ने चरखी दादरी, भिवानी, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ जिलों के उपायुक्तों के साथ गौशालाओं में चारे की उपलब्धता के संबंध में समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल इस मामले को लेकर गंभीर हैं और वे स्वयं इस स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, इसलिए उपायुक्तों को चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रणनीति तैयार करें। 

प्रत्येक उपायुक्त स्थिति पर कड़ी नजर रखें कि चारा दूसरे राज्यों में न जा पाए। चारे के स्टॉक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष अभियान भी शुरू किया जाना चाहिए। बैठक में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के आयुक्त एवं सचिव पंकज अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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नोडल अधिकारी नियुक्त होगा
जेपी दलाल ने कहा कि अन्य राज्यों से आने वाले चारे की निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए और प्रतिदिन चारे की खरीद व बिक्री की निगरानी के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित करें कि अन्य जिलों से चारा लाने वाले वाहनों को आने जाने में कोई कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि एक प्रोत्साहन योजना बनाने की संभावना भी तलाशी जानी चाहिए जिसके तहत यदि कोई किसान गौशालाओं के समन्वय से हरे चारा की बिजाई के लिए पहल करता है तो उसे कुछ प्रोत्साहन राशि दी जानी चाहिए।

इसलिए आ रही दिक्कतें
प्रदेश में इस बार समय से पहले गर्मी आने से गेहूं की फसल में उत्पादन अच्छा नहीं हुआ है। इसके साथ ही सूखे चारे की भी कमी है। अचानक से चारे की कीमतों में 200 रुपये प्रति क्विंटल तक उछाल आने से व्यापारी दूसरे प्रदेशों में चारा ले जा रहे हैं। इसको देखते हुए कई जिलों में धारा 144 लगाकर तूड़ी के परिवहन पर रोक लगा दी है। इससे आसपास के जिलों से गोशालाओं में आने वाली तूड़ी भी नहीं पहुंच पा रही है। जबकि इसी सीजन में गोशालाओं में पूरे साल के लिए चारे का स्टॉक रखा जाता है। 
 
गोशालाओं में सूखे चारे की पहुंच को लेकर हरियाणा सरकार को पत्र लिखा गया है। साथ ही समाज के दानी सज्जनों से भी अपील की गई कि वह गोशालाओं में चारे के साथ साथ राशि का भी दान करें। - श्रमण गर्ग, अध्यक्ष, गो सेवा आयोग। 

पशु अस्पतालों, चिकित्सकों और पशुओं की जिलावार होगी मैपिंग: दलाल
हरियाणा में जल्दी पशु अस्पतालों, पशु चिकित्सकों और पशुओं की जिलावार मैपिंग करवाई जाएगी। अस्पतालों में और बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। पशुपालन मंत्री जेपी दलाल ने यह जानकारी पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद दी।

उन्होंने कहा कि इनके और दवाइयों के संबंध में एक पोर्टल भी बनाया जाएगा ताकि भविष्य में पशुपालकों को किसी भी तरह की दिक्कत का सामना न करना पडे़। समय पर गांवों में ही पशुओं से संबंधित हर सुविधा प्रदान की जाएगी। 

दलाल ने अधिकारियों से कहा कि हमें प्रदेश के पशुओं की नस्ल में सुधार व पशुपालकों की आमदनी को बढ़ाना है जिसके लिए पशुपालकों के साथ मिलकर सभी को कार्य करना होगा। दवाइयों से संबंधित भी एक पोर्टल बनाया जाएगा ताकि यह पता चल सके कि किस दवाई का कितना भंडारण है। दवाई कब खरीदी व कब बांटी गई इत्यादि पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा। 
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