उधर, पंचकूला जिले में मंगलवार को कोरोना के पांच नए केस आने के बाद सक्रिय मरीजों की संख्या आठ हो गई है। सीएमओ मुक्ता कुमार ने बताया कि आठों मरीज अपने घर पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।
सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल में एक भी मरीज भर्ती नहीं है। बताया कि कुछ दिनों से जिले में कोरोना मरीज फिर से मिलने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को 174 सैंपल लिए हैं, जिनकी रिपोर्ट बुधवार को आएगी।
सीएमओ ने बताया कि कोरोना से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार टीकाकरण अभियान भी चला रहा है। टीका लगवाने के लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. राजीव नरवाल ने बताया कि अब तक जिले में 44163 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 43741 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं।
जिले में कोरोना से अब तक 414 लोगों की मौत हुई है। 615131 लोगों के सैंपल जांचे गए हैं। सीएमओ मुक्ता कुमार ने लोगों से अपील की है कि कोरोना से बचाव के सभी जरूरी नियमों का लोग पालन करें।
मोहाली में सक्रिय मरीजों की संख्या 38 हुई
मोहाली में मंगलवार को 12 नए मरीज मिले जबकि दो मरीज ठीक हुए। साथ ही जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या 38 पहुंच गई है। डीसी अमित तलवार ने बताया कि एक दिन में 2206 लोगों ने कोरोना टीकाकरण करवाया है।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि टीकाकरण पहल के आधार पर करवाएं तभी महामारी को मात दी जा सकती है। इस दौरान जिले में कुल 632 लोगों के कोरोना की जांच के लिए सैंपल लिए गए।
संक्रमित हुए 12 लोगों में से अधिकतर मरीज शहरी एरिया के हैं। सभी सक्रिय मरीजों का घरों में ही इलाज चल रहा है। जिले में सभी आयु वर्ग के 985 लोगों को पहला, 958 को दूसरा टीका लगाया गया है।
वहीं 262 लोगों को बूस्टर डोज लगी है। जिले में अब तक 20 लाख लोगों का टीकाकरण हो चुका है। इनमें 11.37 लाख को पहली, 8.45 लाख को दूसरी डोज लग चुकी है। साथ ही 28377 लोगों को बूस्टर डोज लगी है।
होली के बाद ही संक्रमण के बढ़ने की आशंका जताई गई थी। बताया गया था कि अप्रैल के अंत तक एक बार फिर कोरोना का संक्रमण बढ़ेगा, जो अगले दो महीनों तक बना रहेगा क्योंकि वायरस का रोटेशन 2 से 3 महीने के अंतराल पर होता है। ऐसे में मौजूदा समय में बढ़ते हुए संक्रमित मरीजों से स्थिति साफ हो रही है कि अब बचाव के लिए मानकों का कड़ाई से पालन बेहद जरूरी हो गया है। वहीं, टीका लगवाना भी आवश्यक है। -प्रो. जीडी पुरी, डीन एकेडमिक, पीजीआई
यही लापरवाही पड़ेगी भारी
चंडीगढ़ में मास्क को अनिवार्य तो कर दिया गया लेकिन पहले दिन इसका कोई असर नहीं दिखा। मंगलवार को मास्क न पहनने पर एक भी व्यक्ति का चालान नहीं किया गया। कारण अधिकारियों के पास न तो चालान करने वाली विशेष टीम थी और न ही उन्हें चालान बुक दी गई थी। ऐसे में अधिकारी अपने सामने बिना मास्क खड़े व्यक्ति को देखकर भी चालान नहीं कर सके।
पहले दिन लोग भी बिना मास्क बेखौफ घूमते नजर आए। सुखना लेक, सेक्टर-17, रॉक गार्डन समेत सभी बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ज्यादातर लोगों ने मास्क नहीं पहना था जबकि शहर में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सोमवार को ही प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने आदेश जारी कर मास्क को चंडीगढ़ में अनिवार्य कर दिया था। साथ ही मास्क न पहनने वालों पर 500 रुपये का जुर्माना लगाने का भी फैसला सुनाया था।
बता दें कि 20 दिन पहले मास्क न पहनने पर जुर्माना न लगाने का आदेश खत्म कर दिया गया था। इस दौरान चालान के लिए बनाई गईं विशेष टीमों को फिर से उनके विभाग में वापस भेज दिया गया था और उनसे चालान बुक भी जमा करा ली गई थी।