पंचायत चुनाव में आरक्षण के प्रावधान में विसंगतियों को लेकर दाखिल याचिका पर हरियाणा सरकार द्वारा चुनाव के लिए मांगी गई मंजूरी की अर्जी पर याचिकाकर्ताओं ने पक्ष रखने के लिए समय मांगा है। इस पर हाईकोर्ट ने सुनवाई 30 नवंबर तक टाल दी है, जिससे चुनाव के लिए अभी लंबा इंतजार करना होगा। हरियाणा सरकार अंडरटेकिंग दे चुकी है कि बिना अनुमति के चुनाव नहीं होेंगे।
हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल करते हुए हरियाणा सरकार ने कहा था कि प्रदेश में पंचायतों का कार्यकाल 23 फरवरी को समाप्त हो चुका है। पंचायती राज एक्ट के दूसरे संशोधन के कुछ प्रावधान को हाईकोर्ट में चुनौती दी जा चुकी है। सरकार ने कहा कि बीते दिनों कोरोना के प्रकोप के चलते चुनाव न करवाने का निर्णय लिया था। अब स्थिति बेहतर हो गई है इसलिए चुनाव करवाए जा सकते हैं।
यह भी पढ़ें: सोनीपत: झूठी शान के लिए परिवार के तीन लोगों की हत्या के दोषी को फांसी की सजा, 2016 में पूरे परिवार को मारी थी गोलियां
सरकार दो फेज में चुनाव करवाना चाहती है। पहले फेज में ग्राम पंचायत और दूसरे फेज में पंचायत समीति और जिला परिषद के चुनाव का प्रस्ताव है। सरकार ने कहा कि पहले उनकी ओर से कोर्ट में कहा गया था कि निकट भविष्य में सरकार चुनाव नहीं करवाएगी, ऐसे में अब चुनाव करवाने के लिए न्यायालय की अनुमति आवश्यक है। हाईकोर्ट में सरकार की अर्जी पर अब याची पक्ष ने जवाब के लिए समय मांग लिया है। ऐसे में अब चुनाव का मामला दिसंबर तक लटक गया है।
यह है मामला
गुरुग्राम के प्रवीण चौहान व अन्य ने 15 अप्रैल 2021 को हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 2020 में किए गए संशोधन को भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक बताते हुए चुनौती दी थी। कोर्ट को बताया गया कि अधिनियम में संशोधन कर अब सीटों का 8 प्रतिशत बीसी-ए श्रेणी के लिए आरक्षित करना अनिवार्य है और न्यूनतम 2 सीटों का आरक्षण अनिवार्य है। हरियाणा में 8 प्रतिशत के अनुसार केवल छह जिले हैं जहां 2 सीटें आरक्षण के लिए बचती हैं।
18 जिलों में केवल 1 सीट आरक्षित की जानी है जबकि सरकार के नए प्रावधानों के अनुसार न्यूनतम 2 सीटे अनिवार्य हैं। हाईकोर्ट ने कहा था कि सरकार चाहे तो आरक्षण के नए प्राविधान को निलंबित कर पुराने नियमों के तहत चुनाव करवा सकती है। खंडपीठ ने कहा कि सरकार ने अंडरटेकिंग दी है कि याचिका का निपटारा होने तक निकट भविष्य में चुनाव नहीं करवाएगी। कोर्ट ने सरकार को अंडरटेकिंग पर रुख स्पष्ट करने या पुराने नियमों के तहत चुनाव करवाने का आदेश दिया था। अब सरकार ने कहा ने अंडरटेकिंग वापस लेने के लिए अर्जी दायर की है और बताया है कि वह पंचायत चुनाव के लिए तैयार है।