इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए बंदियों व कैदियों को सिर्फ एक नंबर उपलब्ध कराना होगा, जिसके जरिए सप्ताह में दो बार उनकी परिजनों से वीडियो कॉलिंग के जरिए घर बैठे बात संभव हो पाएगी।
मुलाकात के जरिए जेल की सुरक्षा में भी सेंध लग जाती हैं, क्योकि कैदियों व बंदियों से मुलाकात करने वाले मिलने व बातचीत के बहाने उन्हें नशीला पदार्थ थमा जाते हैं।
जेल प्रशासन की काफी सक्रियता के बावजूद भी इस तरह के मामले कभी कभार ही पकड़ में आते हैं। इस सिस्टम के लागू होने के बाद जेल के अंदर नशीला पदार्थ या फिर फोन व अन्य सामग्री पहुंचा पाना आसान नहीं होगा।
पांच मिनट पुरुष और नौ मिनट महिला कर सकेंगे बात
जेल के अंदर बंदियों व कैदियों से वीडियो कॉलिंग के जरिए पांच मिनट तक पुरुष व नौ मिनट तक महिला परिजन बात कर सकेंगे। बंदी को एक स्मार्ट फोन का नंबर देना होगा। जिसे सिस्टम में इंस्टॉल कर दिया जाएगा। सिर्फ इसी नंबर से बंदी अपने परिजनों से वीडियो कॉलिंग के जरिए निर्धारित अवधि तक लाइव बातचीत कर पाएगा।
कंपनी ने देश के चार प्रदेशों की जेलों में बंदियों के लिए वीडियो कॉलिंग की सुविधा मुहैया कराई है। इससे पहले उनकी कंपनी जेल के अंदर बंदियों की केवल अपने परिजनों से फोन पर बात कराती थी। लेकिन कंपनी ने अब बंदियों के लिए भी जेल के अंदर वीडियो कॉलिंग का सिस्टम चालू कर दिया है।जिससे उन लोगों को फायदा मिलेगा, जो अपने बीमार हैं या फिर चलने फिरने की हालत में नहीं हैं, वे लोग भी घर बैठे ही लाइव होकर बात कर सकेंगे। -मुकेश राठी डायरेक्टर, इंडस टेलीकॉम सर्विस।
कारागार में बंदियों व कैदियों की मुलाकात का शेड्यूल उनके नाम के एल्फाबेटिक तरीके से निर्धारित किया है। जिसका एक चार्ट बनाकर बाहर भी लगाया है। जेल में इस समय 843 बंदी व कैदी हैं। इन सभी को वीडियो कॉलिंग की सुविधा से जोड़ा जाएगा, ताकि जेल प्रशासन की सुरक्षा को और भी पुख्ता किया जा सके। - अमित अत्री, डिप्टी जेल सुपरिडेंट भिवानी।
जिला कारागार में बंदियों को सप्ताह में बुधवार व रविवार को वीडियो कॉलिंग से लाइव बात करने का अवसर मिलेगा। सप्ताह में हवालाती को दो बार व कैदी को सिर्फ एक बार ही वीडियो कॉलिंग के जरिए परिजनों से लाइव बात कराई जाएगी। जो नंबर जेल प्रशासन को उपलब्ध कराया जाएगा। उसका वेरिफिकेशन होगा और जिस परिजन का ये नंबर होगा उसका संबंध भी उजागर करना जरूरी है। भिवानी में ये सिस्टम अब काम करना शुरू हो चुका है। -सत्यवान, जिला जेल अधीक्षक भिवानी।