पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिद्धू व विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप बाजवा के बीच ठन गई है। दोनों ने एक-दूसरे पर करारा सियासी प्रहार किया है। इससे कांग्रेस में एक बार फिर से अंदरूनी जंग शुरू हो गई है।
बाजवा ने सिद्धू पर जुबानी वार किया। बाजवा बोले कि सिद्धू अपना नया अखाड़ा लगाना बंद करें। यह अच्छी बात नहीं है। पंजाब के लोगों ने जो रुतबा उन्हें दिया है, उसे संभाल कर रखें। मैच्योरिटी वाली बात करें। दो दिन बाद कांग्रेस ने पंजाब में धरने देने हैं। वहां स्टेज पर आकर अपने विचार रखें। बाजवा बोले कि पहले ही सिद्धू की प्रधानगी में कांग्रेस की 78 से 18 सीटें रह गईं। इस पर ध्यान दें। सिद्धू ने हाल ही में बठिंडा में जीतेगा पंजाब के बैनर तले एक रैली की थी, जिसको लेकर प्रताप बाजवा ने सिद्धू को घेरा है।
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सिद्धू ने किया पलटवार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा पर पलटवार किया है। सिद्धू ने सोशल मीडिया पर बाजवा को जवाब दिया। सिद्धू ने कहा कि आप इंडिया गठबंधन की राजनीति को खारिज करते हुए कहते हैं कि इस गठबंधन के राजनीतिक फैसले को कांग्रेस हाईकमान लागू नहीं करेंगे, तो ये कोई अलग अखाड़ा नहीं है। सिद्धू ने कहा कि मैं हाईकमान के साथ खड़े होकर पंजाब के लिए लड़ूंगा तो ये अलग अखाड़ा कैसे बन गया? सिद्धू की लूट खत्म करने का पंजाब एजेंडा खारिज करके आपने दलित कार्ड खेला।
बठिंडा की रैली में की थी कैप्टन और चन्नी की निंदा
बठिंडा के गांव महिराज में हुई रैली के दौरान नवजोत सिद्धू ने कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्रियों कैप्टन अमरिंदर सिंह और चरणजीत सिंह चन्नी पर निशाना साधा था। इस पर विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने टिप्पणी की। पूर्व विधायक नाजर सिंह मानशाहिया, पूर्व विधायक राजिंदर सिंह समाना, पूर्व विधायक रमिंदर आंवला, पूर्व विधायक जगदेव सिंह कमालू, पूर्व विधायक विजय कालरा, हलका प्रभारी गुरुहरसहाय हरविंदर सिंह लाडी, हलका इंचार्ज बठिंडा देहाती राजबीर सिंह राजा, रामपुरा फूल इंद्रजीत सिंह ढिल्लों, रामपुरा फूल अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता ने सोशल मीडिया पर कहा कि हम कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता पूछना चाहते हैं कि पंजाब कांग्रेस के कार्यक्रमों में न तो हमें और न ही नवजोत सिद्धू को आमंत्रित किया जाए अगर हमने कांग्रेस की बेहतरी के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं के निमंत्रण पर रैली की और 8 हजार से ज्यादा की भीड़ जुटाई तो हमें प्रोत्साहित करने के बजाय हमें बुरा क्यों कहा जा रहा है? नवजोत सिद्धू से नजदीकी के कारण पार्टी में हमारे साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी हमारी मातृ पार्टी है और हम इसे आपके जैसा ही प्यार और सम्मान देते हैं।
तमाम नेताओं ने बाजवा को घेरते हुए कहा कि पिछले एक महीने से विपक्ष के तौर पर आप ने कोई बड़ा आयोजन नहीं किया, जबकि हमने खुली रैली कर सरकार से परेशान जनता के सवालों को सरकार के सामने रखा। अगर सिद्धू जैसे नेता ने कार्यकर्ताओं का दामन थाम लिया है तो यह बात कुछ नेताओं को क्यों परेशान कर रही है। बाजवा व सिद्धू की जंग में अभी पीपीसीसी प्रधान राजा वड़िंग चुप्पी साधे हुए हैं। पंजाब के कई दिग्गज अभी इंतजार कर रहे हैं कि आगे पलड़ा किस तरफ भारी होगा?