अडानी ग्रुप से जल्द मिल सकती है सप्लाई
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोयले के बढ़े दामों के चलते बंद की गई अडानी ग्रुप से बिजली सप्लाई दोबारा से सुचारु कराने को लेकर मंगलवार को उच्चस्तरीय बैठक हुई है। बैठक में खुद बिजली मंत्री रणजीत चौटाला, एसीएस पीके समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कंपनी इस बात पर अड़ी है कि वह पुराने रेट पर ही बिजली देगी लेकिन कोयले के बढ़े रेट लेकर इसमें एडजस्ट किए जाए। प्रदेश सरकार इससे इनकार कर रही है लेकिन अभी प्रदेश सरकार केंद्र सरकार के पुल से 12 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली खरीद रही है। ऐसे में विवाद को खत्म करने के लिए बीच का रास्ता निकलाने पर सहमति बनी है।
चीन से नहीं पहुंचे हैं नए रोटोर
खेदड़ और यमुनानगर बिजली प्लांट की यूनिटों के रोटोर एक साल से अधिक समय से खराब पड़े हैं। हरियाणा सरकार ने इसके लिए चीन की कंपनी को काफी समय पहल ऑर्डर भी दे दिया है लेकिन कोरोना, चीन और भारत के रिश्तों के बीच चल रही खटास के कारण ये रोटोर आज तक नहीं आ पाए हैं। फिलहाल पुराने रोटोर से ही काम चलाया जा रहा है। ऐसे में गर्मी के पीक सीजन में यह यूनिट कितना साथ दे पाएंगी, ये तो समय ही बताएगा।
कृषि क्षेत्र को दी जा रही सात घंटे बिजली
बिजली मंत्री रणजीत चौटाला ने कहा कि कृषि क्षेत्र में बिजली सप्लाई का कट नहीं लगाया जा रहा है। बल्कि गेहूं की कटाई को देखते हुए दिन में बिजली आपूर्ति बंद की जाती है ताकि कहीं भी खेती में चिंगारी से आग न लगे। रात के समय खेतों को 7 घंटे तक बिजली दी जा रही है। गौर हो कि प्रदेश में पानीपत में 250-250 मेगावाट की तीन इकाइयां, खेदड़ में 600-600 मेगावाट की दो इकाइयां और यमुनानगर में 300-300 मेगावाट की दो इकाइयां संचालित हैं।
खेदड़ और पानीपत की यूनिटें चालू हो गई हैं। जल्द ही अडानी ग्रुप से भी बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी। गर्मी के सीजन में उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में कोयले का भंडार है और कोयले की कमी के चलते किसी भी थर्मल प्लांट में उत्पादन बाधित नहीं होगा। - रणजीत चौटाला, बिजली मंत्री।