केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया का स्वागत करतीं सांसद परनीत कौर।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार के प्रमुख कार्यक्रम आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्रों को राज्य सरकारें किसी अन्य योजना में नहीं बदल सकती हैं। उन्होंने कहा कि कोई राज्य इस योजना को बंद कर सकता है लेकिन इसे परिवर्तित नहीं कर सकता। मंडाविया ने कहा कि राज्य सरकारें अपने दम पर स्वास्थ्य के किसी भी मॉडल को बढ़ावा दे सकती हैं लेकिन केंद्रीय अनुदान को किसी अन्य योजना पर खर्च नहीं कर सकती हैं।
दरअसल, कुछ दिन पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा था कि पंजाब सरकार आयुष्मान भारत के स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों को 'आम आदमी क्लीनिक' में बदल रही है, जो सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की एक परियोजना है। मंत्रालय ने कहा था कि अगर केंद्रों को बदलने का काम जारी रहेगा तो केंद्र सरकार अपना अनुदान रोक देगी।
स्वास्थ्य मंत्री रविवार को पटियाला के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें पता चला कि वे (पंजाब सरकार) स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र चलाएंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र चलाए जाने चाहिए और अगर वे चलते हैं तो स्वाभाविक रूप से हमारा अनुदान जारी रहेगा।
स्वास्थ्य राजनीति का मुद्दा नहीं होना चाहिए, यह नागरिकों से जुड़ा है। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने कहा कि मंडाविया के साथ राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित एक विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री ने समग्र स्वास्थ्य देखभाल मॉडल की सराहना की जिसे मान सरकार पंजाब में लागू कर रही है।
पहली बार किसी स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्र का दौरा किया
मांडविया ने शहर के एक एनईईटी-पीजी परीक्षा केंद्र का औचक निरीक्षण किया। वहां उन्होंने अभ्यर्थियों के अभिभावकों से भी बातचीत की। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक यह पहली बार है जब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने परीक्षा के दौरान राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड (एनबीईएमएस) के केंद्र का दौरा किया है।