चंडीगढ़। अपहरण, मारपीट और हत्या के प्रयास के मामले में जिला अदालत ने वीरवार को चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 28 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। सजा के आदेश के बाद हरियाणा निवासी पवन, सुदेश, संदीप और मुकेश को जेल भेज दिया गया।
क्राइम ब्रांच के निरीक्षक और मामले के जांच अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि वर्ष 2018 मेें वह आईटी पार्क थाना प्रभारी थे। इस दौरान एक अपहरण का मामला सामने आया। पीड़ित परिवार ने एक गाड़ी का नंबर देकर बताया था कि उसी से उनके बेटे व भतीजे का अपहरण किया गया है। शिकायत के आधार पर एक टीम का गठन किया गया। दोषी पीड़ित से लगातार व्हाट्सएप कॉल से फिरौती मांग रहे थे। इसके बाद मोबाइल नंबर को लोकेशन ट्रेस के लिए डाला गया। तीन दिन की मेहनत के बाद हरियाणा के जंगलों में दोषियों की गाड़ी जाती दिखाई दी। पुलिस टीम ने गाड़ी का पीछा किया। दोषियों को इसका पता चला तो वे गाड़ी छोड़कर भाग गए। पुलिस ने गाड़ी से पीड़ित परिवार के बेटे व भतीजे को घायल अवस्था में बरामद कर लिया। कुछ दिन बाद जांच के आधार पर पुलिस ने चारों दोषियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोषियों ने दोनों युवकों के अपहरण की बात कबूल ली।
यह था मामला
जीरकपुर निवासी कश्मीर सिंह ने आईटी पार्क थाने में शिकायत देकर कहा था कि वह वर्ष 2000 से टैक्सी चलाने का काम करते हैं। इसमें उनका बेटा गुरविंदर और भतीजा मंदीप सहायता करते हैं। 14 सितंबर 2018 को शाम साढ़े 7 बजे एक युवक ने बागड़ (राजस्थान) जाने के लिए टैक्सी किराए पर ली। उसके साथ तीन अन्य लोग भी थे। गुरविंदर और मंदीप चारों सवारियों को लेकर बागड़ के लिए रवाना हो गए। दूसरे दिन कश्मीर सिंह के पास फोन आया, जिसने गुरविंदर और मंदीप को अगवा करने की जानकारी दी। दोनों को छोड़ने के लिए दोषियों ने दस लाख रुपये की फिरौती भी मांगी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच की।