चंडीगढ़। शहर में आज से 155 डॉकिंग स्टेशन से 1250 साइकिल चलेंगी। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर इस योजना का शुभारंभ करेंगे। पब्लिक बाइक शेयरिंग स्मार्ट बाइक योजना के तहत स्मार्ट सिटी चार फेज में 617 डॉकिंग स्टेशन से 5 हजार साइकिल चलाएगा। योजना को 2022 तक लागू करने का समय दिया गया है। इससे पहले छह माह में शहर के लोगों ने साइकिल का प्रयोग कर अन्य दिनों की तुलना में 10 हजार 504 किग्रा कार्बन डाई ऑक्साइड (सीओटू) पर्यावरण में जाने से बचाया था।
लगभग दो साल से शहर के लोग पब्लिक बाइक शेयरिंग योजना शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। पंचकूला में योजना शुरू होने के बाद चंडीगढ़ लोगों के निशाने पर आ गया था। हालांकि साइकिल फॉर चैलेंज योजना के तहत स्मार्ट सिटी ने 25 डॉकिंग स्टेशन से 150 साइकिलें तो चलाईं, लेकिन चार माह में प्रतियोगिता खत्म होने के बाद स्मार्ट सिटी ने कंपनी को साइकिल बंद करने को कहा था। हालांकि साइकिल चलाने वाली कंपनी ने इस दौरान निशुल्क लोगों को साइकिल चलाने का अवसर दिया। अब वीरवार से लोगों को 10 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से शुल्क देकर साइकिल चलानी होगी।
55 हजार 252 लोग पहले से एप पर सक्रिय
साइकिल चलाने के लिए स्मार्ट सिटी ने एक एप बनाया है। इस एप पर साइकिल फॉर चैलेंज के दौरान 55 हजार 252 लोगों ने सदस्यता ले ली है। प्ले स्टोर में एप को डाउनलोड करके लोग अब सीधे अपने खाते से या क्यूआर कोड को स्कैन करके शुल्क दे सकते हैं। दिसंबर तक कंपनी ने दूसरा फेज शुरू करने का लक्ष्य दिया है।
पहले फेज में सार्वजनिक व व्यस्त रहने वाले स्थल
स्मार्ट सिटी योजना के तहत पहले फेज में बस स्टैंड, सरकारी कार्यालय, प्रमुख सेक्टरों को शामिल किया गया है ताकि लोग सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर अपने वाहन से आने की अपेक्षा साइकिल का प्रयोग करें। क्योंकि अधिक संख्या में गाड़ी आने से पार्किंग में लगाने के लिए जगह ही नहीं बचती।
साइकिल फॉर चैलेंज के तहत दिखा था असर
कुल राइड - 55252
कुल दूरी तय की - 4,42,016 किमी
कुल सीओटू की बचत - 1,10,504 किग्रा
कैलोरी खर्च हुई - 2,06,77,080 कैलोरी
राइड का समय - 20,67,703 मिनट