चंडीगढ़। असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत कामगारों की मदद के लिए केंद्र सरकार ने ई-श्रम पोर्टल की शुरुआत की है। अब तक ई-श्रम पोर्टल पर 42,669 कामगर पंजीकरण करा चुके हैं। यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने आसपास दिखने वाले असंगठित मजदूरों का पंजीकरण ई-श्रम पोर्टल पर कराना चाहिए। इससे मजदूरों को काफी लाभ मिलेगा।
पोर्टल पर मोची, दर्जी, नाई, धोबी, माली, घरेलू नौकर, रिक्शा चालक, कूड़ा बीनने वाले, कैटरिंग, दूधिया, रसोइया, ठेला वाले, घूम-घूम कर चूड़ी बेचने वाले, मीट शॉप व पोल्ट्री फार्म वाले, डेयरी का कार्य करने वाले, प्लेटफॉर्म वर्कर, खेतीहर मजदूर और असंगठित क्षेत्र के दूसरे कामगार पंजीकरण करा सकते हैं। पोर्टल के जरिए श्रमिकों का राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार किया जाएगा और ई-श्रम कार्ड जारी किए जाएंगे, जो पूरे देश में वैध होंगे।
इन्हीं कार्ड के जरिए श्रमिकों को वर्तमान में चल रही श्रमिक योजना या आने वाली योजना का लाभ मिलेगा। पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिक यदि किसी भी प्रकार की दुर्घटना का शिकार होते हैं, यदि वे दिव्यांग हो जाते हैं या मृत्यु हो जाती है, तो उन्हें दो लाख रुपये की सहायता राशि प्राप्त होगी। श्रमिक असंगठित श्रेणी का कर्मकार हो। ईएसआई एवं ईपीएफ में पंजीकृत न हो। इसके अलावा जो आयकरदाता न हो, वही पात्रता की श्रेणी में आएगा।