मेरहड़ा गांव में गेहूं की फसल नष्ट करता किसान।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मन्नू ने बताया कि उसने 40 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन ठेके पर ली है और 30 एकड़ में गेहूं की फसल की बिजाई है। वह केवल पांच एकड़ गेहूं की फसल को अपने घर के खर्च के लिए रखेगा। बाकी को नष्ट कर देगा। मन्नू ने कहा कि सरकार हठधर्मिता अपनाकर किसानों के हित के साथ खिलवाड़ कर रही है।
भाकियू नेता जसवंत पहुंचे ढिगाना
फसल नष्ट करने की सूचना मिलते ही भारतीय किसान यूनियन के नेता जसवंत ढिगाना गांव पहुंचे और उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे अपनी फसल नष्ट न करें। उन्होंने कहा कि किसान अपनी मेहनत से फसल तैयार करता है, इसे इस प्रकार नष्ट नहीं किया जाना चाहिए।
किसानों से किया जाएगा संवाद
लगातार फसल नष्ट करने की घटनाओं से किसान नेता आहत हैं। इसको रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत गांव-गांव जाकर किसानों से संवाद किया जाएगा कि वे अपनी फसल को नष्ट न करें। जरूरतमंद लोगों को अनाज दिया जा सकता है। इसको लेकर योजना बनाई जाएगी। - छज्जूराम कंडेला, प्रदेश प्रवक्ता, भारतीय किसान यूनियन।