इस मामले को रुलदू सिंह मानसा के पिछले दिनों खालिस्तान मूवमेंट के गुरपतवंत पन्नू की आलोचना से जोड़कर देखा जा रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा ने रुलदू के बयान को भड़काऊ मानकर 15 दिन के लिए मोर्चा से निलंबित कर दिया था। किसानों ने बताया कि हमलावर रुलदू सिंह को ढूंढते हुए टेंट में आए थे। वे पंजाबी बोल रहे थे। उन्होंने पूछा कि रुलदू मानसा कहां है। जब किसानों ने कहा कि उन्हें नहीं पता तो उन पर हमला बोल दिया।
एक अन्य मामले के अनुसार, आंदोलन के बीच ही झगड़े में घायल हुए किसान जोगेंद्र को पीजीआई रोहतक ले जाया गया। मंगलवार को उसके परिजन उसे पंजाब में अपने घर ले गए। पुलिस ने इस झगड़े के बारे में सूचना से इनकार किया है। इस बात का खुलासा नहीं हुआ है कि जोगेंद्र किस झगड़े में जख्मी हुआ।
टेंट में रुलदू सिंह मानसा के बारे में पूछने और फिर हमला करने की घटना में दो किसान घायल हुए हैं। हमले में ज्यादा घायल किसान का बयान लेकर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है। - विजय कुमार, प्रभारी, शहर थाना, बहादुरगढ़।